दिल्ली में DJJS का ऐतिहासिक महाशिवरात्रि उत्सव शिव आनंदम 3.0, हजारों लोगों ने तकनीक के अद्भुत संगम का किया अनुभव
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/Jagran-News-(476)-1771140723808_m.webpदिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम। सौ. (DJJS)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्लीवासियों ने इस वर्ष महाशिवरात्रि का एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उत्सव देखा, जब दिव्य ज्योति जागृति संस्थान (DJJS) के कॉर्पोरेट वर्कशॉप विंग (शांति कार्यक्रम, Peace Program) ने आध्यात्म, संस्कृति, विज्ञान और तकनीक का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
दिव्य गुरु आशुतोष महाराज के मार्गदर्शन में यह पर्व प्रयोगात्मक अध्यात्म की एक जीवंत अनुभूति बन गया, जिसमें करीब 3,000 लोगों ने भाग लिया। भारत मंडपम के एम्फीथिएटर में कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स, शिक्षाविद, चिकित्सक और युवा एकत्रित हुए।
शांति कार्यक्रम की प्रिंसिपल कोऑर्डिनेटर साध्वी तपेश्वरी भारती ने कहा, \“दिव्य गुरु आशुतोष महाराज जी ने हमें अध्यात्म को प्रयोगात्मक दृष्टि से समझने की प्रेरणा दी है। यह आयोजन उसी का प्रत्यक्ष प्रतिबिंब था, जिसमें हमारी सनातन संस्कृति के आलोक में भगवान शिव के \“तृतीय नेत्र\“ आधारित ध्यान के टेक्नो-वैज्ञानिक पक्ष को उजागर किया गया और आज की मानवता के लिए इसकी अनिवार्यता को रेखांकित किया गया।\“
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कार्यक्रम में मौजूद लोग।
वहीं, को-कोऑर्डिनेटर साध्वी डॉ. निधि भारती ने बताया, \“कई महीनों के गहन शोध के बाद हमने ऐसे सत्र तैयार किए जो भगवान शिव से प्रेरित जीवन-स्पर्शी तथ्यों को समेटे हुए थे। फिटनेस से लेकर रिश्तों और व्यक्तिगत-व्यावसायिक संतुलन तक, हमने तनावग्रस्त और अस्थिर मनों के लिए युक्तिसंगत समाधान प्रस्तुत करने का प्रयास किया।\“
चेहरों पर दिखा अद्भुत उत्साह
इस कार्यक्रम की शुरुआत एक अनोखे AI-संचालित डिजिटल एक्सपीरियंस जोन से हुई, जिसने उत्साह और आश्चर्य का वातावरण निर्मित किया। वहीं, 10 फीट ऊंचे डिजिटल शिवलिंग पर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन प्रोजेक्ट किए गए, जहां श्रद्धालुओं ने \“अभिषेकम ऐप\“ के माध्यम से दूध, जल और पुष्प अर्पित किए। इस दौरान उनके चेहरों पर अद्भुत उत्साह दिखा।
संस्कार स्टाइल प्रेम बनाम वेलेंटाइन
14 फरवरी की शाम को साध्वी डॉ. निधि भारती का सत्र \“प्रेम से परम तक\“ युवाओं के लिए विशेष आकर्षण रहा। इस सत्र ने भारतीय संस्कृति और मूल्यों के आलोक में प्रेम की नवीन परिभाषा प्रस्तुत की। सत्र ने युवाओं को आत्ममंथन के साथ एक संतुलित दृष्टिकोण भी प्रदान किया।
तांडव-स्टाइल मार्शल आर्ट्स
साध्वी परमा भारती ने \“आदियोगी का महायोग\“ सत्र प्रस्तुत किया, जिसमें स्वास्थ्य, फिटनेस, एरोबिक्स, तांडव और मार्शल आर्ट्स का सशक्त संगम दिखा। ताइक्वांडो, ताई-ची और शाओलिन कुंग-फू जैसी विधाओं का शिव तांडव से मेल दर्शाया गया, और उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव को उजागर किया गया। दर्शकों की सहभागिता ने वातावरण को ऊर्जा और रोमांच से भर दिया।
शिव स्टाइल में दिव्य फैशन शो
DJJS की इन-हाउस टीम द्वारा डिजाइन्ड और प्रस्तुत फैशन शो ‘विश्वनाथ का विश्वरूप’ ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक आयाम में प्रस्तुत किया। इंडोनेशिया, तिब्बत, जापान आदि में भगवान शिव के विविध रूपों की झलक ने दर्शकों में भारतीय होने का गर्व जगा दिया।
जैम सेशन स्टाइल में ‘हर हर महादेव’
संगीत समारोह देखते ही देखते डांस फ्लोर में बदल गया। ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ पूरा सभागार भक्ति और उल्लास में डूब गया।
थेरेप्यूटिक भस्म स्टाइल में होली
आयोजन का समापन एक अनूठी ‘भस्म होली’ से हुआ। महाकालेश्वर धाम से लाई गई पवित्र जड़ी-बूटियों से निर्मित भस्म की सुगंध ने पूरे भारत मंडपम को शिव आनंदम से सराबोर कर दिया। आध्यात्मिक गहराई, टेक्नोलॉजी और उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ ‘शिव आनंदम 3.0’ उत्तर भारत की सबसे विशिष्ट महाशिवरात्रि उत्सवों में से एक बनकर उभरा, जहां हर सहभागी प्रेरणा, भक्ति और महादेव से नव-संबंध की अनुभूति से भर कर गया।
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