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ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में रेलिंग लगने से दर्शन हुए सुगम, प्रवेश द्वार पर अभी भी भीड़

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बांकेबिहारी मंदिर में लगाई गई रेलिंग।



संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं को कतारबद्ध दर्शन कराने के लिए रेलिंग लगने का काम शुरू हो गया। शनिवार को मंदिर परिसर के बड़े हिस्से में रेलिंग लगा दे गई। अभी रेलिंग की व्यवस्था प्रवेश द्वार से शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में प्रवेश द्वार पर भीड़ का दबाव रहा।
अभी मंदिर परिसर में लगी रेलिंग, प्रवेश द्वार में नहीं लग पाई

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देख रेलिंग लगवाई हैं। मेरठ की कनिका कंस्ट्रक्शन कंपनी को यह काम सौंपा गया। शनिवार को मंदिर के बड़े हिस्से में रेलिंग लगा दी गई। हालांकि अभी प्रवेश द्वार पर रेलिंग नहीं लगाई गई हैं।

रेलिंग लगने के पहले दिन श्रद्धालुओं को आराध्य के दर्शन सुविधाजनक मिले। इससे पहले मंदिर परिसर में लगी रेलिंग के अंदर तक पहुंचने में श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव आपाधापी से जूझना पड़ा। समय पर मंदिर के अंदर न पहुंच पाने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन से वंचित रह गए।
रेलिंग के अंदर आसानी से दर्शन, प्रवेश द्वार पर आपाधापी

दरअसल, शनिवार को कंपनी ने मंदिर प्रांगण में ही रेलिंग लगाईं। योजना के तहत मंदिर के प्रवेशद्वार से निकासद्वार तक रेलिंग लगनी थीं। पिछले दिनों कंपनी ने प्रवेशद्वार से मंदिर प्रांगण तक रेलिंग लगाई थीं। लेकिन, उन्हें कमी के कारण बाद में हटा लिया गया। शनिवार को रेलिंग प्रवेशद्वार से न लगने के कारण प्रवेश द्वार पर रेलिंग में प्रवेश को लेकर भीड़ का दबाव रहा। समिति के सदस्य सेवायत दिनेश गोस्वामी ने बताया कि एक-दो दिन में पूरे परिसर में रेलिंग लगा दी जाएगी।


क्या बोले श्रद्धालु



मंदिर में रेलिंग लगाने की योजना बहुत अच्छी लगी। पहली बार रेलिंग में दर्शन किए हैं। बड़ी राहत से आज आराध्य के दर्शन हुए हैं। न कहीं कोई धक्का-मुक्की हुई। -निधि, यमुना नगर, हरियाणा।


मंदिर में रेलिंग जिस प्रकार से लगाई गई हैँ। निश्चित तौर पर पहली बार इतनी आसानी से आराध्य के दर्शन संभव हुए। नहीं ताे पहले हमेशा धक्का-मुक्की में दर्शन सही नहीं हो पाते थे। लेकिन, मंदिर के बाहर भीड़ से व्यवस्था आज भी बिगड़ती रही। -आकाश अग्रवाल, अमरोहा।

-मंदिर में रेलिंग लगने के बाद बहुत अच्छे से दर्शन हो सके हैं। हम कहेंगे कि मंदिर प्रबंधन ने बहुत ही अच्छी प्रक्रिया शुरू की है। इससे सभी श्रद्धालुओं को बहुत आसानी से और अच्छी तरह से दर्शन संभव हो सकेंगे। -रूबी शर्मा, दिल्ली।

- पहली बार ठाकुर बांकेबिहारी के इतनी अच्छी तरीके से दर्शन हो सके हैं। इससे पहले जब भी आते थे तो दर्शन करते में धक्के पड़ते रहते थे। आज मंदिर के अंदर तो दर्शन करके बहुत शांति मिली। लेकिन, मंदिर के बाहर भीड़ का दबाव अभी कम नहीं हो रहा। -आरती, बुड़ाना, हरियाणा।
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