8वें वेतन आयोग से जुड़ी सैलरी और बेनिफिट जानने का लालच देकर ठगी, केंद्र सरकार के अलर्ट के बाद एडवाइजरी जारी
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/8th-Pay-Commission-1771134113272_m.webpआठवें वेतन आयोग की सैलरी जानने के नाम पर ठगी हो रही है। प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, शिमला। साइबर ठग ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब सैलरी कैलकुलेटर नाम पर एक नया साइबर फ्राड सामने आया है। इसमें ठग सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों को आठवें वेतन आयोग से जुड़े वेतन जानने का लालच देकर उनके बैंक खाते खाली कर रहे हैं। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने इस तरह की ठगी को लेकर राज्यों को अलर्ट जारी कर विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। प्रदेश के गृह विभाग को भी कर्मचारियों व जनता को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
लिंक या एपीके फाइल का खेल
ठग वाट्सएप, टेलीग्राम और इंटरनेट मीडिया के जरिए मैसेज भेज रहे हैं। इन मैसेज में एक लिंक या एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। मैसेज में दावा किया जाता है कि इस एप के जरिए नई सैलरी, पेंशन और एरियर की गणना तुरंत की जा सकती है। लालच में आकर जैसे ही यूजर फाइल डाउनलोड कर एप इंस्टाल करता है, उसका मोबाइल डाटा और एक्सेस साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला जाता है।
एपीके फाइल खतरनाक मैलवेयर
जांच एजेंसियों के अनुसार यह एपीके फाइल असल में एक खतरनाक मैलवेयर होता है, जो मोबाइल में इंस्टाल होते ही बैंकिंग एप, मैसेज, ओटीपी और निजी जानकारी तक पहुंच बना लेता है। इसके बाद ठग बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं। कई मामलों में पीड़ितों को तब तक ठगी का पता भी नहीं चलता जब तक खाते से रकम गायब नहीं हो जाती।
केंद्र सरकार की एडवाइजरी
केंद्र की ओर से साफ किया गया है कि सरकार कभी भी वाट्सएप या किसी अनजान लिंक के जरिए सैलरी, पेंशन या वेतन आयोग से जुड़ी जानकारी देने के लिए कोई एपीके फाइल नहीं भेजती। वेतन आयोग या वेतन से संबंधित सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल सरकारी वेबसाइट पर ही जारी की जाती हैं। ऐसे में किसी भी अनवेरिफाइड सोर्स से एप डाउनलोड करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
हिमाचल में ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी
प्रदेश में पहले ही साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शिमला, कांगड़ा और मंडी सहित कई जिलों में निवेश, केवाईसी अपडेट और फर्जी लोन एप के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। अब ठग सरकारी कर्मचारियों को टारगेट कर रहे हैं, क्योंकि वेतन आयोग से जुड़ी खबरों पर लोग जल्दी भरोसा कर लेते हैं।
हिमाचल पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबर से आए सैलरी कैलकुलेटर या आठवें वेतन आयोग से जुड़े लिंक पर क्लिक न करें। संदेह होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाएं। यदि किसी को इस तरह का मैसेज मिलता है तो उसे तुरंत डिलीट करें और दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक करें।
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