नोएडा Aqua Line मेट्रो विस्तार: 2 लाख यात्रियों को मिलेगी राहत, बॉटेनिकल गार्डन बनेगा बड़ा इंटरचेंज
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/NMRC-1771121822022_m.webpएक्वा लाइन मेट्रो के विस्तार से दो लाख यात्रियों को मिलेगी राहत। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनएमआरसी) की एक्वा मेट्रो विस्तार की परियोजना की मंजूरी से दो लाख यात्रियों को सीधा लाभ होगा।
वर्तमान में एक्वा लाइन मेट्रो पर 75 हजार मुसाफिर प्रतिदिन सफर कर रहे है, लेकिन ब्लू लाइन मेट्रो से एक्वा लाइन की सीधी कनेक्टिविटी नहीं होने की वजह से मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्योंकि एनएमआरसी की एक्वा मेट्रो लाइन सेक्टर-51 स्टेशन से दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के सेक्टर-52 स्थित ब्लू लाइन मेट्रो स्टेशन से जुड़ता है, लेकिन मुसाफिर को इस इंटरचेंज के लिए करीब 400 मीटर पैदल चलना पड़ता है।
एनएमआरसी प्रबंधक निदेशक कृष्णा करुणेश ने बताया कि परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपेार्ट (डीपीआर) केंद्र सरकार ने विचाराधीन थी। रूट के संचालन के साथ बाटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन नोएडा, ग्रेटर नोएडा मेट्रो का सबसे बड़ा इंटरचेंज होगा।
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यहां से दिल्ली के द्वारका से नोएडा के सेक्टर-62 तक चलने वाली ब्लू लाइन और बाटेनिकल गार्डन से जनकपुरी तक जाने वाली मैजेंटा लाइन है। वर्तमान में नोएडा और ग्रेटर नोएडा आपस में एक्वा लाइन मेट्रो से कनेक्ट है। यह लाइन सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा डिपो तक है। पूरा ट्रैक 29.707 किमी का है।
बाटेनिकल गार्डन पर बनेगा नया स्टेशन
नई लिंक लाइन की डीपीआर के मुताबिक एक नया प्लेटफार्म या सेक्शन बनाया जाएगा, जो बाटेनिकल गार्डन मेट्रो को कनेक्ट करेगा। यह लाइन एक्वा लाइन होगी।
इसलिए इसका ट्रैक भी डीएमआरसी के ट्रैक से अलग होगा। संभवत: बाटेनिकल गार्डन में इस सेक्शन को बनाया जाए। प्रवेश व निकासी प्वाइंट बाटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से ही दिया जाए क्योंकि नए लिंक के लिए अलग से टोकन काउंटर बनाए जाएंगे।
निजी वाहनों पर घटेगी निर्भरता
मेट्रो को सड़क परिवहन का प्रभावी विकल्प माना जाता है। नए कारिडोर के चालू होने से निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे ट्रैफिक जाम में कमी और यात्रा समय में बचत होगी। सड़क सुरक्षा में भी सुधार की संभावना जताई गई है।
पर्यावरण के नजरिये से भी यह विस्तार अहम है। मेट्रो के उपयोग से वाहनों की संख्या घटेगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा। वायु गुणवत्ता भी सुधरेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और नए मेट्रो स्टेशनों के आसपास निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
दिल्ली हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों तक सुगम पहुंच से उत्पादकता में वृद्धि होगी। बेहतर संपर्क, कम ट्रैफिक, स्वच्छ पर्यावरण और बढ़ती आर्थिक गतिविधि के साथ यह परियोजना शहर के भविष्य की जरूरतों को मजबूत आधार देगी।
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