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स्मार्ट वॉरफेयर की एंट्री! भारतीय सेना का AI Laser Sniper करेगा गेम चेंजर साबित, बंदूकों का भी करेगा काम


Indian Army Laser Sniper: भारत का रक्षा तकनीक क्षेत्र अब पारंपरिक हथियारों से आगे बढ़ रहा है. इसका ताजा उदाहरण घरेलू कंपनी Olee का 2 किलोवॉट क्षमता वाला AI-पावर्ड लेजर स्नाइपर है, जिसे एक मानव रहित जमीनी वाहन (UGV) पर लगाया गया है. यह सिस्टम खास तौर पर ड्रोन स्वॉर्म और नजदीकी तेज खतरों से निपटने के लिए तैयार किया गया है. यह दिखाता है कि डायरेक्टेड एनर्जी वेपन अब प्रयोगशाला से निकलकर असली युद्धक्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं. 


इसस सिस्टम की खास बात केवल लेजर नहीं, बल्कि इसकी पूरी इंटीग्रेशन तकनीक है. लेजर मॉड्यूल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टारगेटिंग और मोबाइल UGV एक साथ मिलकर काम करते हैं. यह पारंपरिक गोलियों की बजाय फोकस्ड एनर्जी से कुछ ही सेकंड में लक्ष्य को निष्क्रिय कर सकता है, जो आधुनिक युद्ध में बेहद महत्वपूर्ण है.



इंसानों के साथ वाहनों को भी करेगा बर्बाद

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करीब 2 किलोवॉट की क्षमता वाला यह लेजर कम दूरी पर प्रभावी है. यह दुश्मन के ऑप्टिकल सेंसर को अंधा कर सकता है, हमलावर को अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर सकता है या वाहन के खुले हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकता है. यानी स्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया दी जा सकती है, बिना हर बार घातक हमला किए.


हर मौसम में उगलेगा आग
इसमें लगा AI सिस्टम स्वचालित रूप से लक्ष्यों की पहचान और प्राथमिकता तय करता है. स्वॉर्म अटैक जैसी स्थिति में, जहां कई खतरे एक साथ आते हैं, यह तकनीक इंसानी प्रतिक्रिया से कहीं तेज काम कर सकती है. यही संयोजन इसे एक उपयोगी सैन्य प्लेटफॉर्म बनाता है. कंपनी के अनुसार, यह सिस्टम फील्ड ट्रायल पूरा कर चुका है और अब तैनाती के लिए तैयार है. धूल, नमी और तापमान जैसी परिस्थितियों में सफल परीक्षण इसका व्यावहारिक उपयोग साबित करते हैं.


डायरेक्ट एनर्जी वेपन सस्ता और टिकाऊ हथियार
सुरक्षा बलों के लिए यह बड़ी उपलब्धि हो सकती है. UGV पर लगा लेज़र सिस्टम सैनिकों को जोखिम से दूर रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर सकता है. शहरी इलाकों में यह कम नुकसान के साथ सटीक कार्रवाई कर सकता है. डायरेक्टेड एनर्जी वेपन पारंपरिक हथियारों का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक माने जा रहे हैं. कम लॉजिस्टिक जरूरत और बार-बार उपयोग की क्षमता इन्हें लंबी अवधि की सुरक्षा के लिए उपयोगी बनाती है.


भारत की स्वदेशी तकनीक लेजर स्नाइपर
भारत में इस तरह की स्वदेशी तकनीक का विकास रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है. स्थानीय जरूरतों के मुताबिक AI और पावर सिस्टम को अनुकूलित करना भविष्य की युद्ध रणनीति में अहम साबित होगा. कुल मिलाकर, यह AI-पावर्ड लेजर स्नाइपर दिखाता है कि युद्ध तकनीक अब तेज, स्मार्ट और सटीक होती जा रही है. आने वाले समय में ऐसे सिस्टम बहुस्तरीय रक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं.

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