दिल्ली में 16 फरवरी से इंडिया AI Impact Summit 2026, टेक दिग्गजों का महाकुंभ में जी-20 जैसे सुरक्षा इंतजाम
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/AI-summit-1771091931728_m.webpएआई समिट की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस की तैयारी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जी-20 शिखर सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता के बाद दिल्ली एक बार फिर वैश्विक कूटनीति और भविष्य की तकनीक का केंद्र बनने जा रही है। आगामी 16 से 20 फरवरी तक प्रगति मैदान के भारत मंडपम में \“\“इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026\“\“ का आयोजन किया जाएगा। फ्रांस के बाद अब भारत में इसका आयोजन किया जाएगा।
देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर होने वाला यह सबसे बड़ा आयोजन होगा। इसको लेकर दुनिया भर में उत्साह है। अब तक 15 देशों के राष्ट्राध्यक्षों, 50 से अधिक मंत्रियों व डेलीगेट्स ने अपनी-अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। इसके अलावा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और मेटा जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियों के 40 से अधिक सीईओ भी इस महामंच पर तकनीक पर चर्चा करेंगे।
इसको लेकर दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस समारोह संपन्न होने के बाद से ही सुरक्षा तैयारियों में जुट गई थी। पहले सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले करीब दस हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया, उसके बाद पिछले दस दिनों से लगातार रिहर्सल कर सुरक्षा तैयारियों को परखा जा रहा है।
जहां भी कुछ चूक की बात सामने आती है, उसे फिर दुरुस्त किया जा रहा है। जी-20 शिखर सम्मेलन में भी दिल्ली पुलिस ने इसी तरह से सुरक्षा के इंतजाम किए थे। दिल्ली पुलिस की सुरक्षा यूनिट व ट्रैफिक यूनिट पर एआई समिट की सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी होगी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस के चार हजार कर्मियों को ट्रैफिक व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी होगी। ट्रैफिक पुलिस को 10 जोन व 22 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक ट्रैफिक जोन में एक-एक डीसीपी की तैनाती रहेगी। राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों व डेलीगेट्स को ठहराने के लिए नई दिल्ली जिले के 10 होटलों में बेहतर प्रबंध किए गए हैं।
16 व 17 फरवरी को राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री व डेलीगेट्स दिल्ली आएंगे, जिन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच आइजीआई एयरपोर्ट से उनके होटलों तक लाया जाएगा। विदेश मंत्रालय की ओर से सभी राष्ट्राध्यक्षों को बुलेटप्रूफ कारें मुहैया कराई जाएंगी। एयरपोर्ट के पास कारकेड की गाड़ियों के लिए विशेष पार्किंग बनाई गई है।
जिन होटलों में राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों व डेलीगेट्स को ठहराया जाएगा, उनकी सुरक्षा अभी से बढ़ा दी गई है। हर होटल की सुरक्षा एक-एक डीसीपी रैंक अधिकारी की निगरानी में होगी। भारत मंडपम के अलावा चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में भी एक दिन बैठक होगी।
भारत का लक्ष्य एआई को केवल बड़े कॉरपोरेट्स तक सीमित न रखकर इसे आम आदमी और छोटे व्यवसायों के लिए सुलभ बनाना है। इसमें 500 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को अपनी तकनीक प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।
आयोजन को लेकर नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने भी सुंदरीकरण का कार्य तेज कर दिया है। कनाट प्लेस, खान मार्केट और मंडी हाउस जैसे इलाकों को नई रोशनी और पेंटिंग से सजाया जा रहा है।
आयोजन के दौरान सेंट्रल पार्क में \“\“पब्लिक एंगेजमेंट\“\“ के तहत आम जनता को भी एआई के चमत्कारों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि समावेशी विकास का माध्यम है। भारत इस समिट के जरिए दुनिया को \“\“एआई फॉर ऑल\“\“ का मंत्र देगा।
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