कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए बदला ये नियम, शामली के स्कूलों में BSA ने जारी किया सख्त आदेश
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जागरण संवाददाता,शामली। डिजिटल युग में बच्चों के हाथ में थमे मोबाइल फोन अब उनके मानसिक स्वास्थ्य और जीवन के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। गाजियाबाद में हाल ही में तीन बहनों के आत्महत्या करने की घटना के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष ने संज्ञान लिया। इसके बाद शामली बीएसए ने भी आदेश जारी करने की तैयारी है। सोमवार को आदेश जारी होने के बाद सभी स्कूल संचालकों को इसका पालन करना होगा।
गाजियाबाद में घटी आत्महत्या की घटना के पीछे कहीं न कहीं मोबाइल गेमिंग, इंटरनेट मीडिया और कम उम्र में इंटरनेट के अत्यधिक उपयोग को जिम्मेदार माना जा रहा है। महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौधरी ने पिछले दिनों हादसे पर दुख जताते हुए स्पष्ट किया कि छोटे बच्चों में मोबाइल की लत उनके व्यवहार में चिड़चिड़ापन और अवसाद पैदा कर रही है।
इसे रोकने के लिए शुरुआती स्तर पर ही कड़े कदम उठाना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिया है कि अब प्राथमिक स्तर कक्षा पांचवीं तक के बच्चे को स्कूल की ओर से कोई भी शिक्षण कार्य मोबाइल फोन पर नहीं भेजा जाएगा। पूरी पढ़ाई कक्षा में ही होगी। जिससे पढ़ाई के बहाने न तो बच्चे मोबाइल लेंगे और न उन्हें मोबाइल चलाने की लत लगेगी।
इसके मद्देनजर जिले में भी सख्ती करने की तैयारी है। बीएसए लता राठौर ने बताया कि सोमवार को इस संबंध में सभी स्कूलों के लिए आदेश जारी किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन यह सुनिश्चित करेंगे कि छोटे बच्चे को मोबाइल फोन पर स्कूल संबंधी कोई भी कार्य नहीं भेजा जाएगा। शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें मोबाइल के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।
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