महाशिवरात्रि: बाबा बैद्यनाथधाम में पंचशूल की विशेष पूजा संपन्न, देवघर में भक्तों का उत्साह चरम पर
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/Mahashivratri-Deoghar-Panchshul-Puja-1771089168146_m.webpबाबा मंदिर में पंचशूल की विशेष पूजा करते सरदार गुलाब पंडा और अन्य।
जागरण संवाददाता, देवघर। बाबा बैद्यनाथधाम देवघर में महाशिवरात्रि को लेकर भक्तों का उत्साह चरम पर है। रविवार को महाशिवरात्रि है। बाबा बैद्यनाथ के दरबार में सुबह से भक्तों की भीड़ पूजा अर्चना को जुटेगी। वीआइपी दर्शन नहीं होगा। शीघ्रदर्शनम की सुविधा होगी। शाम में केकेएन स्टेडियम से शिव बारात निकलेगी। देर रात से सुबह सूर्योदय के समय तक शिव-पार्वती विवाह के रस्म में चार प्रहर की पूजा होगी। ज्योतिर्लिंग पर चार बार सिंदूर अर्पित होगा।
द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की परंपरा सबसे अलग है। महाशिवरात्रि से दो दिन पहले सभी 22 मंदिर के शिखर से पंचशूल को उतारा जाता है। महाशिवरात्रि से एक दिन पहले त्रयोदशी को सभी पंचशूल की विशेष पूजा की जाती है। इसके बाद इसे पुन: शिखर पर स्थापित किया जाता है।
शनिवार को शिव-पार्वती समेत सभी 22 मंदिर के शिखर पर पंचशूल को स्थापित कर दिया गया। इससे पहले मंदिर प्रांगण में राधा कृष्ण मंदिर के सामने सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा ने 22 मंदिरों से उतारे हुए सभी पंचशूलों का तंत्र युक्त पूजा किया।
आचार्य के द्वारा यह पूजा कराया गया। पूजा के बाद मंदिर के दीवान सोना सिन्हा के द्वारा श्वेत वस्त्र में गुप्त मंत्र लिखकर सभी पंचशूल में विधिवत बांधा गया । इसके बाद भंडारी चिंतामणि, राजू भंडारी, भोला भंडारी द्वारा पंचशूल को पुनः बाबा मंदिर प्रांगण स्थित 22 मंदिरों में स्थापित किया गया । इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ पंचशूल को स्पर्श करने के लिए लग गई। जिसे नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी ।
बाबा मंदिर एवं पार्वती मंदिर के शिखर पर पंचशूल स्थापित करने के बाद पहला गठबंधन मंदिर इस्टेट की ओर से सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा के द्वारा किया गया । इसके बाद आम श्रद्धालुओं के द्वारा गठबंधन शुरू हो गया । बता दें कि फाल्गुन मास एकादशी तिथि पर बाबा मंदिर एवं पार्वती मंदिर के शिखर पर चढ़ने वाला गठबंधन खोल दिया जाता है। जिसके बाद गठबंधन पूरी तरह से बंद हो जाता है । शनिवार को पंचशूल स्थापित करने के बाद फिर से गठबंधन शुरू किया गया। इस दौरान बाबा मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई थी।
बाबा बैद्यनाथ पूरी करते हैं सबकी मनोरथ
द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक मनोकामना लिंग बाबा बैद्यनाथ के दरबार में महाशिवरात्रि पर एक लाख से अधिक भक्तों का आना तय है। अब तक का रिकार्ड यही बता रहा है। भक्तों का जुटान होना शुरू हो गया है। शनिवार को भी दोपहर तक लंबी कतार लगी रही।
भक्तों की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम कर लिया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को प्रतिनियुक्त कर दिया गया है। रूटलाइन में सुविधा बढ़ा दी गयी है। दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी भी तैनात कर दिए गए हैं। यह पहले से तय हो चुका है कि वीवीआइपी दर्शन की व्यवस्था नहीं होगी।
सुबह छह बजे से शीघ्रदशर्नम
शीघ्रदर्शनम की सुविधा सुबह छह बजे से ही मिलने लगेगी। एसडीएम सह मंदिर प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि सुबह 3:15 में मंदिर का पट खुल जाएगा। सुबह की पूजा के बाद 4:30 से आम भक्तों के लिए मंदिर का पट खोल दिया जाएगा। सुबह छह बजे से शीघ्रदर्शनम की सुविधा बहाल कर दी जाएगी। जिसका शुल्क प्रति कूपन छह सौ रुपया होगा।
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