UP में आवारा कुत्तों का आतंक: औरैया में छात्रा और युवक पर हमला, सिर और होंठ से निकाली खाल
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/Auraiya-Stray-Dog-Attacks-Student-Injures-1771076766176_m.webpसंवाद सूत्र, ऐरवाकटरा (औरैया)। गांव समायन में शनिवार दोपहर करीब दो बजे आवारा कुत्ते के हमले में कक्षा आठ की छात्रा समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऐरवाकटरा ले जाया गया, जहां उनका उपचार हुआ। एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाई गई। चिकित्सक ने बताया कि छात्रा के सिर व होंठ के ऊपर कुत्ते ने काटा है। खाल निकाल ली है। जिस वजह से
गहरे जख्म हैं। जिसे भरने में समय लगेगा। उधर, घटना से क्षेत्र के लोगों में दहशत है। उनका कहना है कि कुत्तों का आतंक है। अक्टूबर 2025 में रुरुगंज क्षेत्र में एक बच्चे की मौत हो चुकी है। गांव समायन निवासी 14 वर्षीय श्वेता पुत्री सतेंद्र कुमार शनिवार दोपहर स्कूल से घर लौट रही थी। रास्ते में एक दुकान से घरेलू सामान लेने के बाद जैसे ही वह गांव निवासी मंशाराम के घर के सामने पहुंची, तभी एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया।
बचाव के लिए छात्रा के चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कुत्ते को भगाया, लेकिन तब तक कुत्ते ने छात्रा के सिर पर काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। होंठ के ऊपर काट खाल निकाल ली। किसी तरह कुत्ते को खदेड़ा गया तो उसने गांव के ही 30 वर्षीय मनीष कुमार पर भी हमला कर दिया, जिससे उसके शरीर में गंभीर चोटें आ गईं। चिकित्साधिकारी डा. मोहित कुमार ने बताया कि कुत्ते के हमले से घायल छात्रा और युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। जहां प्राथमिक उपचार दोनों का किया गया।
अक्टूबर 2025 को हुई थी घटना
बिधूना कोतवाली के रुरुगंज क्षेत्र अंतर्गत कुसमरा गांव में अक्टूबर 2025 को छह वर्षीय बच्चे के सिर पर कुत्ते ने काट लिया था। एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने के साथ उपचार कराया। सिर में कुत्ते के काटने को लेकर होने वाले उपचार में देरी से उसकी घटना के करीब 20 दिन बाद मौत हो गई थी। बच्चा कुत्ते जैसी हरकत करने लगा था।
कुत्ते के काटने पर क्या करें
चिकित्सकों का कहना है कि कुत्ता काटने पर सबसे पहले घाव को करीब 15 से 20 मिनट तक बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं। ताकि वायरस निकल जाए। इसके बाद तुरंत एंटीसेप्टिक लगाएं और बिना देरी किए डाक्टर के पास जाकर एंटी रेबीज का टीका लगवा लें। जरूरी हो तो टिटनेस का इंजेक्शन भी लगवाएं। घाव को खुला छोड़ें, पट्टी न बांधें। घाव पर मिर्च, हल्दी, तेल या कोई घरेलू लेप न लगाएं। यदि पालतू कुत्ता है, तो जिसने उसे पाला है उससे टीकाकरण रिकार्ड की जानकारी करें। आवारा कुत्ते के काटने पर बिना सोचे-समझे एंटी-रेबीज का टीका लगवाएं, क्योंकि इससे रेबीज का खतरा ज्यादा होता है।
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