वैज्ञानियों का चमत्कार, उच्च हिमालय में उगने वाले गुच्छी मशरूम को हल्द्वानी में उगाया
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/72872221-1771048518691_m.webpजागरण संवाददाता, हल्द्वानी।उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से उगने वाले गुच्छी मशरूम (मोरेल) का हल्द्वानी के फतेहपुर में कृत्रिम उत्पादन करने में वैज्ञानिकों ने सफलता पाई है। यह सामान्यत: 5,000 से 11,500 फीट की ऊंचाई वाले हिमालयी वनों में मार्च और अप्रैल के दौरान प्राकृतिक रूप से उगता है।
गुच्छी मशरूम के कृत्रिम उत्पादन के चुनौतीपूर्ण प्रयोग से यह साबित हुआ है कि उपयुक्त वैज्ञानिक तकनीक एवं नियंत्रित परिस्थितियों में इसका संवर्धन संभव है। नवीन वर्मा, डा. जीएस मेर (माइकोलाजिस्ट एवं मोरेल विशेषज्ञ) और अनूप शाह के संयुक्त प्रयासों से लगभग एक वर्ष तक निरंतर अनुसंधान, परीक्षण और वैज्ञानिक प्रयोगों के बाद यह सफलता मिली है।
इसमें दीपक पांडेय और यश का भी योगदान रहा। गुच्छी मशरूम अपनी दुर्लभता और उच्च बाजार मूल्य के कारण अत्यंत मूल्यवान मानी जाती है। पोषण एवं औषधीय दृष्टि से यह अत्यधिक समृद्ध है। टीम की ओर से लगभग 7000 फीट की ऊंचाई पर गुच्छी मशरूम की चार उन्नत किस्मों का भी विकास किया गया है।
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