deltin33 Publish time 2 hour(s) ago

गाजियाबाद में जानवरों के काटने से हाहाकार, 30 दिन में 5000 से अधिक को लगी एआरवी

https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/ARV-1771036233911_m.webp

कुत्ते काटने के बाद टीका लगावाने के लिए लाइन में लगे मरीज। जागरण



जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। आवारा कुत्तों के साथ बंदर और बिल्लियों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जिला एमएमजी अस्पताल की मासिक रिपोर्ट में पता चला है कि जानवरों के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे पांच हजार से अधिक लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई है।

इनमें एक हजार से अधिक बच्चे शामिल हैं। 50 से अधिक लोगों के शरीर पर गहरे घाव होने पर उन्हे एंटी रेबीज सीरम लगाना पड़ा। अधिकांश लोगों को आवारा कुत्तों ने काटकर घायल किया है। रेबीज नियंत्रण को लेकर नियमित एआरवी डोज को लेकर अधिकारियों द्वारा निगरानी की जा रही है।

31 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार अकेले जिला एमएमजी अस्पताल में 5593 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। इनमें 2404 को पहली,1635 को दूसरी,1530 को तीसरी और 24 लोगों को एआरवी की चौथी डोज लगाई गई।

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में आवारा कुत्तों का आतंक, पांच लोग जख्मी, 603 ने लगवाई एंटी रेबीज वैक्सीन

इनमें 1515 को कुत्तों के काटने पर एआरवी लगाई गई। 667 पालतू और 848 लोग आवारा कुत्तों के काटने पर एआरवी लगवाने अस्पताल पहुंचे। 577 ने बिल्ली, 265 ने बंदर और 47 लोगों ने चूहे और अन्य जानवरों के काटने पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई।
24 घंटे में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे 438 लोग

शुक्रवार को जानवरों के काटने पर दोनों अस्पतालों में 438 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे। इनमें 73 बच्चे भी शामिल हैं।रिपोर्ट के अनुसार एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने सबसे अधिक जिला एमएमजी अस्पताल में 285 लोग पहुंचे। इनमें से 52 बच्चों समेत 124 लोगों ने एआरवी की पहली डोज लगवाई।

https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/02/14/template/image/72849747-1771036497013.jpg

एमएमजी जिला अस्पताल में पर्चा बनानेके लिए लाइन में लगे मरीज। जागरण

एआरवी लगवाने वालों में 40 पुरूष, 26 महिला और छह वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं। संजयनगर स्थित जिला संयुक्त अस्पताल में दोपहर दो बजे तक कुल 153 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे। इनमें 21 बच्चों समेत 50 लोगों ने एआरवी की पहली डोज लगवाई ।
चिकित्सक और अधिवक्ता के बीच हुई कहासुनी

एक महिला को एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे अधिवक्ता और चिकित्सक के बीच कहासुनी हो गई। अधिवक्ता ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों के बीच हुए विवाद का वीडियो इंटरनेट मीडिय पर प्रसारित हो गया।

पता चला है कि चिकित्सक ने इमरजेंसी में पहुंचकर लिखित में इसकी पुलिस सूचना भेजी है। सूचना में अधिवक्ता पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया। अधिवक्ता ने पहले सीएमएस से शिकायत की और बाद में स्थानीय पुलिस को तहरीर दी है।

https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/02/14/template/image/72849626-1771036545009.jpg

कुत्ते काटने के बाद टीका लगावाने के लिए लाइन में लगे मरीज। जागरण

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों की शिकायत के आधार पर जांच की जायेगी। उधर सीएमएस ने भी प्रकरण की जांच के निर्देश दिये हैं।
बुजुर्ग को एआरवी लगवाने को एमएमजी कर दिया रेफर

शासन के निर्देश पर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने की सुविधा है लेकिन शुक्रवार को बम्हैटा के रहने वाले बुजुर्ग जयवीर सिंह को नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीएलएस से एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने को जिला एमएमजी अस्पताल रेफर कर दिया।

बुजुर्ग को चिकित्सकों के सहयोग से एआरवी के साथ एआरएस भी लगवाया गया। बुजुर्ग के हाथ में गहरा घाव था।

यह भी पढ़ें- भिवानी नागरिक अस्पताल की बड़ी लापरवाही, स्टॉक होने के बावजूद क्यों एंटी-रेबीज वैक्सीन को तरस रहे मरीज?
Pages: [1]
View full version: गाजियाबाद में जानवरों के काटने से हाहाकार, 30 दिन में 5000 से अधिक को लगी एआरवी