फायर सीजन से पहले ही धधका रानीपुर टाइगर रिजर्व, वन्यजीवों में मची खलबली
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/chitrkoot-news-1771030758034_m.webpजंगल में लगी आग से उठता धुंआ
संवाद सत्र, जागरण चित्रकूट। रानीपुर टाइगर रिजर्व के मानिकपुर रेंज प्रथम क्षेत्र के ऐलहा बढैया बीट से सटे केकरमार जंगल में शुक्रवार को फायर सीजन शुरू होने से पहले ही आग भड़क उठी। तेज हवा की वजह से आग देखते ही देखते फैल गई, जिससे वन्यजीव जंगल से भागते नजर आए।
सूखी घास और झाड़ियों में फैलती लपटों ने क्षेत्र में खलबली मचा दी। दुर्गम रास्ते में फायर टैंकर नहीं पहुंचने के कारण दमकल कर्मी बीडिंग मैथड से आग पर काबू पाया है।
जंगल में आग की सूचना मिलते ही रेंजर सुशील श्रीवास्तव टीम सहित दोपहर बाद मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। मानिकपुर से फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी रवाना कर दी गई, लेकिन दुर्गम इलाके और घने जंगल के कारण दमकल दल को अंदर तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
रेंजर ने बताया कि आग ऐलहा गांव से सटे जंगल में सूखी घास और फूस में लगी थी। सौभाग्य रहा कि किसी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। वन विभाग की तत्परता और समय पर कार्रवाई से आग विकराल नहीं हो सकी है। आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
वन्यजीवों की सुरक्षा और आग पर नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। फायर ब्रिगेड और वनकर्मियों की मुस्तैदी से लगे हैं। किसी प्रकार का व्यापक नुकसान नहीं हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों से भी आग फैलने पर तुरंत सूचित करने की अपील की गई है।
यह है बीडिंग मैथड
बीटिंग मैथड या \“\“फायर बीटर\“\“ का उपयोग करके आग पर काबू पाने के लिए किया जाता है। यह एक विशेष प्राथमिक उपकरण है, जिसका उपयोग सुलगती हुई आग, घास-फूस या जमीन पर फैली आग को बुझाने के लिए किया जाता है।
Pages:
[1]