भागलपुर में आम-लीची-अमरूद के पेड़ों पर छिड़काव के लिए मिलेगा अनुदान, पहले आओ-पहले पाओ आधार पर किसानों को लाभ
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/bihar-kisan-news-1771014151948_m.webpआम, लीची व अमरूद में मंजर से पहले और बाद में छिड़काव पर मिलेगा अनुदान
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में फलों का उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से पौधा संरक्षण विभाग ने आम, लीची और अमरूद जैसे प्रमुख फलदार पौधों पर कीटनाशक दवा के छिड़काव की कार्य योजना तैयार की है।
इस योजना के तहत मंजर आने से पहले और मंजर आने के बाद दोनों चरणों में कीट प्रबंधन करते हुए छिड़काव कराया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य कीट एवं व्याधि नियंत्रण के माध्यम से फलों की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि करना है।
योजना के अंतर्गत आम, लीची और अमरूद की खेती करने वाले किसानों को छिड़काव के लिए अनुदान दिया जाएगा। पौधा संरक्षण विभाग ने प्रति किसान वृक्षों की अधिकतम सीमा भी तय कर दी है।
इसके अनुसार एक किसान को आम के अधिकतम 112, लीची के 84 और अमरूद के 56 वृक्षों पर छिड़काव के लिए अनुदान मिलेगा। योजना का लाभ पहले आओ–पहले पाओ की तर्ज पर दिया जाएगा।
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के बाद आनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ डीबीटी से प्राप्त पंजीकरण आईडी, आधार कार्ड तथा रैयत या गैर रैयत किसान होने का स्वघोषणा पत्र संलग्न करना होगा।
अनुदान राशि भी निर्धारित कर दी गई है। आम के पेड़ पर मंजर आने से पहले पहले छिड़काव में प्रति वृक्ष लागत 76 रुपये पर 57 रुपये अनुदान तथा मंजर आने के बाद दूसरे छिड़काव में प्रति वृक्ष लागत 96 रुपये पर 72 रुपये अनुदान दिया जाएगा।
लीची में पहले छिड़काव पर प्रति पौधा 216 रुपये की लागत पर 162 रुपये तथा दूसरे छिड़काव पर 152 रुपये की लागत पर 114 रुपये अनुदान मिलेगा। वहीं अमरूद में कीट प्रबंधन के लिए प्रति वृक्ष 44 रुपये की लागत पर 33 रुपये और व्याधि प्रबंधन के लिए 60 रुपये की लागत पर 45 रुपये अनुदान दिया जाएगा। आम के 25 हजार, लीची के लिए 23 हजार व अमरूद के लिए एक हजार पेड़ पर छिड़काव का लक्ष्य दिया गया है।
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