झारखंड निकाय चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती की भाजपा की मांग, कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/Jharkhand-Municipal--1771009150953_m.webpझारखंड निकाय चुनाव
राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात निकाय चुनाव केंद्रीय बलों की निगरानी में कराने की मांग की।
इसके बाद प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सरकार बेखबर है। राज्य में अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है।
अपराधी बेलगाम हैं, उन्हें सत्ताधारी गठबंधन और राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी गठबंधन के नेता पूरी तरह लूट खसोट में लगे हैं। जिस प्रकार से डीजीपी की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश आया है उससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार को संवैधानिक व्यवस्था से कुछ भी लेना देना नहीं है।
ऐसे में राज्य में होने वाले निकाय चुनाव निष्पक्ष होंगे, इसपर आशंका है। राज्य निर्वाचन आयुक्त को सौंपे ज्ञापन पर उन्होंने कहा कि राज्य के सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति हो।
इसके साथ ही मतपेटी स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर भी केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती हो। साहू ने कहा कि राज्य सरकार अपनी हार को जीत में बदलने के लिए पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर सकती है।
चुनाव के दौरान आइएएस अधिकारियों की पोस्टिंग गलत
भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल ने सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन आयोग में ज्ञापन देकर निकाय चुनाव के दौरान आइएएस अधिकारियों की पोस्टिंग को गलत बताया है। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार ने जो तबादला किया है वो आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। सुधीर श्रीवास्तव ने बताया की सरकार को आचार संहिता से कोई मतलब नहीं है। अगर यह ट्रांसफर पोस्टिंग मतदान या परिणाम के बाद भी होता तो कोई समस्या नहीं होती।
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