देहरादून गैंग्स्टर हत्याकांड: कहीं शिष्य अखिलेश ने तो नहीं कराई गुरु विक्रम की हत्या?
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/vikram-sharma-1771004106078_m.webpझारखंड के गैंग्स्टर विक्रम शर्मा की देहरादून में हत्या की गई।
जागरण संवाददाता, देहरादून। झारखंड के गैंग्स्टर विक्रम शर्मा की देहरादून में हत्या के बाद कई सवाल खड़े होने लगे हैं। पुलिस शूटरों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है।
इसी बीच यह बात भी सामने आ रही है कि विक्रम शर्मा की हत्या उसके ही शिष्य अखिलेश सिंह ने कराई है। विक्रम शर्मा के सहयोगी अखिलेश सिंह का जमशेदपुर झारखंड में बड़ा आपराधिक इतिहास है।
जानकारी मिली है कि दुमका जेल झारखंड में निरुद्ध अखिलेश सिंह से मृतक का रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था, जिस कारण अखिलेश सिंह ने विक्रम शर्मा की हत्या करवाई है।
हालांकि, पुलिस इस मामले में पूरी तरह से पुष्टि नहीं कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस एंगल से भी जांच करवाई जा रही है।
गैंग्स्टर विक्रम शर्मा ने अपने सहयोगी अखिलेश सिंह के साथ कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया।
आपराधिक घटनाएं
[*]02 नवंबर 2007 को साकची आम बागान के पास श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या
[*]15 मार्च 2008 को साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग
[*]20 मार्च 2008 को साकची में पूर्व जज आरपी रवि पर फायरिंग
[*]16 मई 2008 को साकची में श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे के घर पर फायरिंग
[*]25 जुलाई 2008 को बिष्टुपुर में कांग्रेसी नेता नट्टू झा के कार्यालय पर गोली
[*]17 अगस्त 2008 को बर्मामाइंस में अपराधी परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह की ससुराल में फायरिंग
[*]28 अगस्त 2008 को साकची में ठेकेदार रंजीत सिंह पर फायरिंग
[*]17 सितंबर 2008 को एमजीएम अस्पताल मोड़ पर बंदी परमजीत सिंह पर फायरिंग
[*]04 अक्टूबर 2008 को बिष्टुपुर में बाग-ए-जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या
[*]2008 को बिष्टुपुर में कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद विक्रम शर्मा देहरादून आकर रहने लगा।
झारखंड की एसटीएफ ने किया था गिरफ्तार
वर्ष 2017 में झारखंड की एसटीएफ ने उसे ग्रीन व्यू वैली के अपार्टमेंट देहरादून से गिरफ्तार किया। पुलिस को विक्रम शर्मा के आवास से पैन कार्ड व एटीएम सहित कई दस्तावेज मिले। उसके आवास में बेशकीमती सामान मिला है। उसके घर में आडी व इनोवा के अलावा पत्नी की छोटी कार है।
कुख्यात अखिलेश सिंह ने भी देहरादून में ली थी पनाह
कुख्यात अखिलेश सिंह भी झारखंड से फरार होने के बाद देहरादून में पनाह ले चुका है। उसने फर्जी आइडी से दून के मसूरी रोड पर मालसी स्थित राजपुर रेजीडेंसी में फ्लैट खरीदा था।
जमशेदपुर पुलिस अखिलेख सिंह की संपत्ति के दस्तावेजों की पड़ताल करते हुए देहरादून पहुंची। जांच में पता चला कि उसने अजीत सिंह नाम से बिहार का फर्जी आइडी बनाकर आठ वर्ष पहले फ्लैट खरीदा था।
जमशेदपुर पुलिस ने देहरादून के शहर कोतवाली में अखिलेश पर फर्जी रजिस्ट्री की प्राथमिकी दर्ज कराई। अखिलेश सिंह वर्ष 2010 से 2014 के बीच जमशेदपुर से भागकर देहरादून में फरारी काट रहा था।
देहरादून में अजीत के नाम से खरीदा फ्लैट
देशभर में उसकी संपति जब्त करने की प्रक्रिया में देहरादून के फ्लैट के दस्तावेजों की भी जांच कराई गई। जमशेदपुर पुलिस की जांच में पाया कि उसने अजीत सिंह नाम से देहरादून में फ्लैट खरीदा और सेल डीड की रजिस्ट्री कराई थी।
जिस पर फोटो अखिलेश सिंह का लगा था। काफी समय वह यहां रहा भी था, जिसकी पुष्टि देहरादून स्थित सोसायटी के सचिव ने की। साथ ही जिस महिला से फ्लैट खरीदा उसने भी फोटो के आधार पर यह पहचान की कि अखिलेश सिंह ने ही अजीत सिंह बनकर फ्लैट खरीदा था।
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