फरीदाबाद मुख्यमंत्री आवास योजना: 750 लोगों ने दिए फर्जी शपथ पत्र, आवेदन होंगे रद्द
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/fff-(85)-1771003825221_m.webpमुख्यमंत्री आवास योजना के तहत फरीदाबाद में 750 आवेदकों ने फ्लैट के लिए गलत शपथ पत्र जमा किए। एआई जेनरेटेड इमेज
दीपक पांडे, फरीदाबाद। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट के लिए ऑनलाइन अप्लाई करते समय 750 लोगों ने गलत एफिडेविट दिया। सच्चाई तब सामने आई जब सरकार ने नगर निगम को वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी सौंपी। आवास योजना के लिए अप्लाई करने की पहली शर्त यह थी कि आवेदक के पास कहीं भी कोई प्लॉट या घर न हो।
इसके लिए लोगों को एफिडेविट देना था। वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान जब निगम ने टैक्स डिपार्टमेंट से एफिडेविट देने वालों के बारे में जानकारी ली, तो ऐसे 750 लोगों की पहचान हुई। ये लोग अपना हाउस टैक्स भी दे रहे थे। निगम अधिकारियों का दावा है कि वेरिफिकेशन अभी भी चल रहा है। ऐसे में और भी लोग सामने आ सकते हैं जिन्होंने गलत एफिडेविट दिया है।
उनके एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दिए जाएंगे। पूरे जिले से 51,000 लोगों ने किया था अप्लाई मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए अर्बन लोकल बॉडी की वेबसाइट पर एप्लीकेशन देनी थी। पूरे शहर से 51,000 लोगों ने अप्लाई किया था। इस वजह से जांच में कुल 30,000 लोग छूट गए। इसके बाद अर्बन लोकल बॉडी ने एक और जांच की, जिसमें सिर्फ 9,331 एप्लीकेंट सामने आए।
फिर एक लिस्ट बनाकर वेरिफिकेशन के लिए नगर निगम को भेजी गई। पिछले हफ्ते निगम के 210 कर्मचारियों ने दो दिन डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई किए। लोगों को उनके डॉक्यूमेंट्स के साथ निगम हेडक्वार्टर बुलाया गया। इसके बाद अब JE साइट पर जाकर उन्हें वेरिफाई करेंगे।
लिस्ट टैक्स ब्रांच को भी सौंपी गई
एप्लीकेंट की लिस्ट टैक्स ब्रांच को भी सौंप दी गई है। क्योंकि शहर में प्लॉट या घर खरीदने वाले किसी भी व्यक्ति का नाम निगम की टैक्स ब्रांच में जरूरी तौर पर रजिस्टर्ड होता है। प्रॉपर्टी ID भी बनाई जाती है। इसलिए, जिन लोगों ने प्लॉट न होने का एफिडेविट देकर झूठ बोला होगा, वे भी बेनकाब हो जाएंगे।
अलॉटमेंट लेटर जारी होने के बाद भी जांच जारी रहेगी
नगर निगम द्वारा वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा करने के बाद फाइनल लिस्ट सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद सरकार द्वारा प्लॉट्स के लिए ड्रॉ निकाला जाएगा। ड्रॉ में फ्लैट जीतने वालों को अलॉटमेंट लेटर दिया जाएगा। हालांकि, लेटर जमा होने के बाद भी फाइनल जांच की जाएगी। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो अलॉटमेंट कैंसिल कर दिया जाएगा और FIR दर्ज की जाएगी।
मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए वेरिफिकेशन चल रहा है। एप्लीकेंट्स की लिस्ट भी टैक्स डिपार्टमेंट को जमा कर दी गई है ताकि जांच पूरी ट्रांसपेरेंसी के साथ हो सके। वेरिफिकेशन में 200 से ज़्यादा कॉर्पोरेशन कर्मचारी लगे हुए हैं।
-विजयपाल, सेक्रेटरी, नगर निगम
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