दोषी को बचाएंगे तो आप फंस जाएंगे मंत्रीजी, ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई जरूरी : सभापति
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/vidhan-sabhi-UP-(1)-1770999442028_m.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। शिक्षक दिवस के दिन प्रधानाध्यापक को निलंबित करने के मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई के प्रश्न पर विधान परिषद में पीठ ने शुक्रवार को कड़ी टिप्पणी की। सभापति कुंवर मानवेंद्र प्रताप सिंह ने बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से कहा कि ‘दोषी को बचाएंगे तो आप फंसेंगे मंत्रीजी, ये सदन है।
अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने वाले ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।’ सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने बंदायू के आरिफपुर नवादा विद्यालय में पांच सितंबर 2023 को बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षक दिवस के दिन विद्यालय का निरीक्षण कर प्रधानाध्यापक का निलंबन करने का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई थी और बाद में प्रकरण की विस्तृत जांच के बाद प्रधानाध्यापक को सवेतन बहाल कर दिया गया था। इसके बाद सभापति ने टिप्पणी की।
माध्यमिक शिक्षकों की सेवा नियमावली के संबंध में किया सवाल
सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी और नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव की ओर से वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षकों की सेवा नियमावली के संबंध में प्रश्न किए गए। इसके उत्तर में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने बताया कि नियमावली बनाने के संबंध में नौ फरवरी को सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी गई है।
सदस्यों के समय सीमा पूछने पर उन्होंने कहा कि समिति की जल्द बैठक कराई जाएगी। ध्रुव कुमार त्रिपाठी और नेता प्रतिपक्ष ने अन्य सवालों के माध्यम से वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन न मिलने का मामला उठाया तो मंत्री ने सेवा शर्तों के संबंध में जारी शासनादेश का हवाला दिया।
ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने निजी विद्यालयों पर शासनादेश का पालन का करने की बात कही। इस पर दोनों ओर से नोकझोंक हुई। इसके बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऐसे विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने पर कार्रवाई की बात कही।
यह भी पढ़ें- UP में सामाजिक पेंशन की बढ़ेगी धनराशि, इन लोगों को होगा फायदा; CM योगी ने विस में दिए संकेत
वहीं, ध्रुव कुमार त्रिपाठी द्वारा तदर्थ शिक्षकों को पेंशन का लाभ न मिलने और सपा सदस्य डा. मान सिंह यादव द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय न बढ़ने का मुद्दा भी उठाया गया।
Pages:
[1]