भारतीय रेल : बुलेट ट्रेन की स्पीड, वंदे भारत जैसा आराम… क्या जमालपुर बनेगा गेमचेंजर? इरिमी महोत्सव में बड़े संकेत
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/Jamalpur-IRIMEE-India-High-Speed-Rail-Vande-Bharat-Future-1770988130698_m.webpभारतीय रेल : मुगेर के जमालपुर का इरिमी संस्स्थान।
संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। भारतीय रेल : इरिमी (इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) के 99वें स्थापना दिवस के अवसर पर दो दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन चेन्नई के रेल महाप्रबंधक यू. सुब्बाराव, रायबरेली एवं कपूरथला के रेल महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा, ईस्टर्न रेलवे के पीसीएमई परमानंद शर्मा तथा इरिमी के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
समारोह के पहले सत्र में महाप्रबंधकों ने रायबरेली, कपूरथला और चेन्नई के कारखानों में कम लागत में विश्वस्तरीय, लग्जरियस और आरामदायक रेल कोच तैयार किए जाने की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत में बुलेट ट्रेन जैसी उच्च गति को बनाए रखने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है और इसमें जमालपुर स्थित इरिमी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
क्या जमालपुर से निकलेगी वंदे भारत की नई रफ्तार?
[*]बुलेट ट्रेन की स्पीड, वंदे भारत जैसा आराम… , इरिमी के 99वें महोत्सव में बड़े दावे
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[*]जमालपुर से बदलेगी ट्रेनों की तस्वीर? बुलेट स्पीड और लग्जरी कोच पर मंथन
[*]वंदे भारत जैसी ट्रेनों के लिए जमालपुर तैयार? इरिमी महोत्सव में भविष्य की झलक
दूसरे सत्र में देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रबंधकों और सीईओ ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। उन्होंने आधुनिक तकनीक, उन्नत प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को साझा करते हुए भारतीय रेल को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के सुझाव दिए। भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड के प्रतिनिधियों ने भी औद्योगिक विकास और तकनीकी नवाचार पर विचार रखे। इरिमी के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने कहा कि जमालपुर कारखाना भारतीय रेल को नई दिशा देने की दिशा में कार्यरत है और यह पहल भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी।
समारोह में रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिनमें पीसीएमई अतुल प्रियदर्शी, अनिल द्विवेदी, पूर्व जीएम संजीव किशोर, रेलवे बोर्ड के आरके मंगला, डीआरएम हावड़ा विशाल कपूर, डीआरएम मालदा मनीष गुप्ता, डीआरएम उदय सिंह मीणा सहित अनेक अधिकारी, प्रोफेसर और कर्मचारी शामिल थे। दो दिवसीय यह महोत्सव तकनीकी नवाचार, शोध और भारतीय रेल के भविष्य को समर्पित रहा। यह किसी उपलब्धि से कम नहीं है। काफी संख्या में लोग भी वहां मौजूद थे।
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