अगले 5 साल में बनेंगे 50 नए एयरपोर्ट, रियल एस्टेट के लिए साबित होगा गेमचेंजर - के राम मोहन नायडू
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/Airport-1770974870348_m.webpकेंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने 50 नए एयरपोर्ट बनाने की बात कही। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। यशोभूमि में आयोजित हो रहे नेशनल अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कान्क्लेव में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि देश में अगले पांच वर्षों में 50 नए एयरपोर्ट बनाने के लक्ष्य पर काम चल रहा है।
विमानन क्षेत्र का यह विस्तार देश के रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित होगा और निवेश के अवसर पैदा करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट को रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि जहां भी एयरपोर्ट होता है, वहां आसपास के क्षेत्रों का विकास तेजी से होता है।
रियल एस्टेट डेवलपर्स की एक प्रमुख चिंता पर अपनी बात कहते हुए मंत्री ने कहा कि वह विमानन सुरक्षा से समझौता किए बिना एयरपोर्ट के आसपास की इमारतों के लिए ऊंचाई प्रतिबंधों से संबंधित मुद्दों को सक्रिय रूप से हल करने पर काम कर रहे हैं।
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भारत तेजी से विकास करता उड्डयन बाजार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है। वर्तमान में देश में 165 परिचालन एयरपोर्ट हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र की विकास क्षमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र 2030 तक 1 ट्रिलियन डालर का होने का अनुमान है।
आजादी के अमृत काल यानी 2047 तक इसकी वैल्यू 5 से 7 ट्रिलियन डालर तक पहुंचने की उम्मीद है। बढ़ते वायु प्रदूषण और शहरीकरण की चुनौतियों के बीच स्टैंडर्ड आफ लिविंग (जीवन स्तर) के साथ-साथ \“\“क्वालिटी आफ लिविंग\“\“ (जीवन की गुणवत्ता) पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता जताई।
उन्होंने कहा कि संपत्तियां बनाना केवल संपत्ति निर्माण नहीं बल्कि नागरिकों के कल्याण से जुड़ा होना चाहिए।
मंत्री ने रियल एस्टेट क्षेत्र को रेंटल हाउसिंग (किराये के आवास) पर ध्यान देने की सलाह दी, ताकि युवाओं के लिए किफायती और सुलभ आवास परियोजनाओं को विकसित किया जा सके।
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