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हिमाचल के नाहन मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सेवाएं ठप: मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

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कैप्शन: हिमाचल के नाहन मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सेवाएं ठप (File Photo)



जागरण संवाददाता, नाहन। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच सेवाएं बंद होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड तक नहीं हो पा रहे, जिससे दूरदराज क्षेत्रों से इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीज निराश लौट रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन डाक्टरों की कमी को वजह बता रहा है, जबकि मरीज और तीमारदार अव्यवस्थाओं पर रोष जता रहे हैं।

सिरमौर के ग्रामीण और दुर्गम इलाकों से लोग नाहन इस भरोसे पहुंच रहे हैं कि उन्हें समुचित उपचार और जांच सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन यहां पहुंचते ही उन्हें पता चल रहा है कि एक्सरे और अल्ट्रासाउंड सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। यहां तक कि दांतों के एक्सरे भी नहीं हो रहे। मरीजों को बार-बार नई तारीखें दी जा रही हैं, जिससे उन्हें कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
गरीब तबके के सामने संकट

मरीजों और तीमारदारों का का कहना है कि जांच न होने से बीमारी की सही पहचान में देरी हो रही है और कई मामलों में स्थिति और गंभीर हो रही है। तीमारदारों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाएं इस कदर बिगड़ी हुई हैं कि लोगों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। आर्थिक रूप से सक्षम लोग मजबूरी में मरीजों को निजी अस्पतालों में जांच के लिए ले जा रहे हैं, लेकिन गरीब तबके के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

उनके लिए निजी अस्पतालों में जांच कराना आसान नहीं है। स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े संस्थान में यदि बुनियादी जांच सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी, तो आम लोगों को राहत कैसे मिलेगी।

मेडिकल कॉलेज नाहन की प्रिंसिपल डा. संगीत ढिल्लो का कहना है कि संस्थान में डाक्टरों की कमी चल रही है। इसी वजह से व्यवस्था बनाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि स्टाफ की कमी के कारण सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
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