स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर 120 करोड़ की वसूली का बिल में करें समायोजन, आयोग में प्रस्ताव दाखिल
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/meter-1770950773117_m.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं सप्लाई कोड रिव्यू पैनल सब कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने गुरुवार को विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविन्द कुमार से मुलाकात कर एक प्रस्ताव दाखिल किया।
उन्होंने नए बिजली कनेक्शन पर विद्युत नियामक आयोग से अनुमोदन लिए बिना स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर हर उपभोक्ता से 6016 रुपये की अतिरिक्त वसूली, कास्ट डाटा बुक के असमान अनुपालन और अविकसित कालोनियों में उपभोक्ताओं के साथ हो रहे आर्थिक उत्पीड़न के मुद्दे उठाए।
वर्मा ने कहा कि 31 दिसंबर से पूरे प्रदेश में नई कास्ट डाटा बुक लागू कर दी गई, लेकिन उससे पूर्व बिना आयोग के अनुमोदन के स्मार्ट प्रीपेड मीटर के उपभोक्ताओं से अब तक लगभग 120 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली की जा चुकी है। जिसका समायोजन बिजली बिल में किया जाना चाहिए।
अविकसित कालोनियों से 75 प्रति वर्ग मीटर की दर से लिए जा रहे शुल्क को ज्यादा बताते हुए इसमें संशोधन की मांग की, जबकि विकसित कालोनियों में 300 मीटर तक बिना एस्टीमेट के बिजली कनेक्शन की व्यवस्था है।
कहा कि जो लोग अविकसित कालोनियों में प्लाट लेकर मकान बनाते हैं, उसमें अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर लोग हैं। विकसित कालोनियों में प्लॉट या मकान खरीदने में असमर्थ होने के कारण वे ऐसे क्षेत्रों का चयन करते हैं, लेकिन अब एस्टीमेट के नाम पर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
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