CCSU के छात्रों की डिग्री को लेकर समस्या का होगा समाधान, छपने से पहले पोर्टल पर प्रीव्यू दिखाएगा विश्वविद्यालय
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/CCSU-1770921475181_m.webpजागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों की सबसे बड़ी समस्या के समाधान की व्यवस्था कर दी गई है। डिग्री और मार्कशीट के आवेदन के बाद छात्रों को महीनों इंतजार करना पड़ता था और जल्दबाजी दिखाने पर अतिरिक्त भुगतान भी करना पड़ता था।
अब विश्वविद्यालय का ऑनलाइन डिग्री पोर्टल https://ccsuwebonline.in/ लाइव हो गया है। इस पोर्टल पर वर्तमान में डिग्री व भविष्य में मार्कशीट के लिए भी आवेदन करने वाले छात्र आवेदन से लेकर डिग्री मिलने तक की हर प्रक्रिया पर नजर बनाए रख सकेंगे। जानबूझकर छात्रों की डिग्री किसी पटल पर नहीं अटकाई जा सकेगी।
किसी विभाग में यदि निर्धारित समय से अधिक समय लगता है तो विश्वविद्यालय के अधिकारी भी जवाब तलब कर सकेंगे। व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय होने के बाद डिग्री तैयार होने के बाद छात्रों को पोर्टल पर प्रीव्यू देखने को मिलेगा। इसमें छात्र अपने विवरण जांच कर ओके करेंगे, उसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से डिग्री प्रिंट के लिए भेजी जाएगी।
विश्वविद्यालय के इस पोर्टल पर डिग्री के लिए आवेदन करने पर एनरोलमेंट नंबर देना अनिवार्य है। उसके बिना कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा। एनरोलमेंट नंबर डालते ही छात्रों का पूरा विवरण खुल जाएगा। इन विवरणों में संबंधित विद्यार्थी ने विश्वविद्यालचय में कौन-कौन से पाठ्यक्रम पढ़े हैं सहित सारी जानकारी होगी। एनरोलमेंट के बाद विद्यार्थियों को हिंदी व अंग्रेजी में अपना व माता-पिता का नाम लिखना होगा।
इसके बाद मोबाइल नंबर, ई-मेल आइडी, पासवर्ड और पता भरकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। एक बार रजिस्ट्रेशन हो जाने पर दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। उसी एनरोलमेंट नंबर और पासवर्ड से विद्यार्थी बार-बार लागिन कर सकेंगे।
आवेदन के बाद दिखेगी हर प्रक्रिया
छात्रों के डिग्री के लिए आनलाइन आवेदन करने के साथ ही वह आवेदन पत्र सीधे संबंधित विभाग व पटल की लागिन पर पहुंचेगा। गोपनीय से जांच के बाद पूरी प्रक्रिया पूरी होने पर प्रिंट के लिए भेजा जाएगा। इस बीच डिग्री तैयार होते ही छात्रों को भी संदेश पहुंचेगा।
छात्र प्रक्रिया के दौरान डिग्री की स्थिति देख सकेंगे। इसके अलावा कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी छात्रों की ओर से किए गए आवेदनों की संख्या, उनकी प्रगति, निस्तारित और भेजे जाने के विवरण सहित अन्य निगरानी भी कर सकेंगे।
हर विभाग के पटल प्रभारी भी अपने मोबाइल नंबर से लागिन करेंगे। उनके पास जिस भी छात्र की डिग्री का कार्य लंबित होगा केवल वहीं खुलेगा। उसे निस्तारित करने के बाद अगला आवेदन पहुंचेगा। परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य के अनुसार एक बार सिस्टम पटरी पर आने के बाद आवेदन प्रक्रिया से डिग्री जारी होने तक के लिए टाइम लाइन निर्धारित की जाएगी।
इस ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में बीच-बीच में डिग्री बनवाने का खेल बंद हो जाएगा। इसमें आवेदन करने के क्रम में ही डिग्री व मार्कशीटों का निस्तारण हो सकेगा। यदि कोई आवेदक या कर्मचारी चाहे कि बीच में किसी की डिग्री पहले जारी कर दें, तो वह ऐसा नहीं कर सकेंगे। छात्रों से प्रीव्यू कराने के बाद गलत डिग्री प्रिंट होना रुकेगा।
इसी कड़ी में छात्रों के बैक परीक्षा देने के बाद उनके अंक भी स्वत: पोर्टल पर अपलोड हो जाएंगे। जिन छात्रों ने एक बार डिग्री के लिए आवेदन कर लिया है वह दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे। वहीं जिनकी डिग्री कालेजों को भेजी जा चुकी होगी, उन्हें आवेदन के समय ही यह संदेश मिल जाएगा.
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