भागलपुर नगर निगम: ट्रेड लाइसेंस-सफाई शुल्क की लगातार नोटिस से व्यापारी परेशान, शुल्क की दरों को लेकर सवाल
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/Bhagalpur-Nagar-Nigam-(1)-1770930180828_m.webpभागलपुर नगर निगम
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठान इन दिनों नगर निगम की सख्ती के कारण दबाव में हैं। ट्रेड लाइसेंस, भवन नक्शा उल्लंघन, पानी व सफाई यूजर चार्ज को लेकर एक के बाद एक नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इससे व्यवसायियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि पहले से ही बाजार की स्थिति कमजोर है, ऐसे में लगातार नोटिस और शुल्क ने कारोबार को प्रभावित कर दिया है।
ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण का नोटिस मिलने के बाद भवन नक्शा उल्लंघन का नोटिस भेजा जा रहा है। इसके साथ ही होल्डिंग टैक्स के साथ पानी और सफाई का यूजर चार्ज भी जोड़ा जा रहा है। कई प्रतिष्ठानों को बकाया होल्डिंग टैक्स की भी सूचना दी गई है। एक साथ कई मदों में भुगतान के दबाव से छोटे दुकानदारों और मध्यम वर्गीय व्यवसायियों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है।
शुल्क की दरों को लेकर भी उठ रहे सवाल
व्यापारियों का कहना है कि यूजर चार्ज और अन्य शुल्कों की गणना किस आधार पर की जा रही है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। खासकर खलीफाबाग के छोटे दुकानदार सुधीर कुमार का कहना है कि उनकी आय सीमित है, लेकिन शुल्क का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी असंतोष है। संस्थानों और बाजार क्षेत्रों से अलग से कचरा संग्रहण की समुचित व्यवस्था निगम के पास नहीं है। नियमित रूप से कचरा उठाव नहीं होने से गंदगी फैलती है, जबकि यूजर चार्ज वसूला जा रहा है। जब तक सेवा में सुधार नहीं होगा, तब तक अतिरिक्त शुल्क उचित नहीं माना जा सकता।
बिना उचित सुविधा दिए सफाई व जल शुल्क लेना उचित नहीं
ईस्टर्न बिहार चेंबर आफ कामर्स के अभिषेक जैन ने कहा कि कई प्रतिष्ठानों में पानी का कनेक्शन ही उपलब्ध नहीं है, फिर भी शुल्क लगाया जा रहा है। नियमित कचरा उठाव नहीं होने से व्यवसायियों को परेशानी हो रही है। सुविधा के बिना शुल्क लेना अन्यायपूर्ण और अनुचित है।
निगम को पहले व्यवस्था सुधारनी चाहिए, उसके बाद शुल्क लागू करना चाहिए। जब सफाई व्यवस्था सही नहीं है, तो यूजर चार्ज का कोई औचित्य नहीं बनता। बार-बार नोटिस भेजने से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। निगम को व्यापारियों की समस्याओं को समझकर समाधान करना चाहिए।
इसलिए जब तक पूरी सुविधा उपलब्ध न हो, तब तक सफाई व जल शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। सीए पुनीत चौधरी बताते हैं कि नगर विकास विभाग के मंत्री से संपर्क करेंगे।पहले होल्डिंग तीन गुणा हो गया था, सरकार के पास बात रखी गई तो कम किया। मेयर व व नगर आयुक्त से मामले में बात होगी।
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