बरेली: करंट से पिता-पुत्र की मौत पर कोर्ट का बड़ा फैसला, बिजली विभाग अब पीड़ित परिवार को देगा ₹15.50 लाख
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/12/article/image/court-1-1770920387134_m.webpप्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बरेली। आंवला क्षेत्र के बढगांव में 11 सितंबर को करंट की चपेट में आकर राजपाल और उनके पुत्र सोमपाल की मृत्यु हो गई थी। राजपाल की पत्नी भूरी ने मुआवजा दिलाने के लिए न्यायालय स्थायी लोक अदालत में याचिका दायर की थी। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष काली चरन, सदस्य संजीव कुमार गौतम व अनीता यादव की पीठ ने विद्युत विभाग को 15.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
पिता-पुत्र की मौत हो जाने के बाद भूरी और उसके पुत्र मनोज, सौरभ, अंशुल व पुत्रियों दीक्षा व रिया के सामने भरण पोषण का संकट उत्पन्न हो गया। विभाग से किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं मिलने पर पीड़ित परिवार ने न्यायालय स्थायी लोक अदालत में याचिका दायर की। भूरी ने अवगत कराया कि गांव में उनका मकान बन रहा था।
बिजली के तार मकान के पास से होकर गुजर रहे हैं। निर्माणाधीन मकान के पीसीसी पोल से तार छू जाने पर करंट दौड़ गया। उनके पति उसकी चपेट में आ गए, बचाव के लिए दौड़ा बेटा भी करंट से झुलस गया। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। उन्होंने 32 लाख रुपये मुआवजा दिलवाने का आग्रह किया।
विद्युत विभाग के अधिकारियों की ओर से कहा गया कि घटना से एक-दो दिन पहले कटिया डालकर बिजली जलाई जा रही थी। लोहे की कीलों से तार निकाले गए थे, जिसकी वजह से ठेले में करंट उतरा था। जबकि उप निदेशक विद्युत सुरक्षा की रिपोर्ट में पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की संस्तुति की गई।
न्यायालय स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष काली चरन, सदस्य संजीव कुमार गौतम व अनीता यादव की पीठ ने विद्युत विभाग को राजपाल की पत्नी भूरी को 10 लाख रुपये, सोमपाल की मृत्यु पर पांच लाख रुपये के अतिरिक्त मानसिक आर्थिक एवं सामाजिक क्षति के लिए 50 हजार रुपये का भुगतान वाद दायर करने की तिथि से सात प्रतिशत ब्याज के साथ किए जाने का आदेश दिया।
इसमें से 5.50 लाख रुपये वादिनी को नकद दिए जाने, 10 लाख में से दो-दो लाख रुपये उसके नाबालिग पुत्रों, दो पुत्रियों के बालिग होने तक एफडीआर किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा कराने तथा दो लाख रुपये नकद बालिग पुत्र को दिए जाने का आदेश दिया है।
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