नाइट्रोजन गैस और चूहे मारने वाली गोलियां... बदायूं के युवा कारोबारी को मारने के लिए अपनाया ये रूह कंपा देने वाला तरीका!
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/12/article/image/72835454-1770919633238_m.webpइसी कार में मिला था अमन साहू का शव
जागरण संवाददाता, बदायूं। युवा व्यापारी अमन साहू की दम घोटकर हत्या कर दी गई। शातिर हत्यारे ने इसे हादसा दर्शाने के लिए हर पैंतरा अपनाया। उनके चेहरे पर पालीथिन बांधी, इसके बाद भी बचने की गुंजाइश न रहे इसलिए उसमें सिलिंडर से नाइट्रोजन गैस दौड़ा दी। कार की अगली सीट पर बैठी अवस्था में उनकी मौत हो गई परंतु, हमलावर को सिलिंडर हटाने का मौका नहीं मिला। आशंका जताई जा रही कि आवाजाही होने पर हत्यारा वहां से भाग गया। अमन के स्वजन ने अज्ञात पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
नगर के ब्रह्मपुर मुहल्ला में रहने वाले घी व्यापारी अमन साहू की जैन मंदिर के पास दुकान है। उनके भाई राजीव साहू ने बताया कि गुरुवार सुबह को वह व्यापार के सिलसिले में बिसौली जाने की बात कहकर निकले थे। शाम सात बजे उनकी कार अलापुर क्षेत्र में कंचनपुर गांव के नखासा के पास सड़क किनारे खड़ी मिली।
पुलिस के अनुसार, काफी देर से खड़ी कार में कोई हलचल नहीं होने पर राहगीरों ने थाने में सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार की ड्राइविंग सीट पर अमन को कई आवाज दीं मगर, जवाब नहीं आया। ऐसे में शीशा तोड़कर उन्हें निकाला, फिर जिला अस्पताल भेजा। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके चेहरे से गले तक चारों ओर पालीथिन लिपटी हुई थी।
पीछे सीट पर पांच लीटर का नाइट्रोजन गैस का सिलिंडर रखा था। सिलिंडर की गैस को पतले पाइप के जरिये उनके चेहरे पर बंधी पालीथिन में प्रवाहित किया गया था। चिकित्सकों का कहना है कि चेहरे पर पालीथिन बंधी होने से अमन को आक्सीजन नहीं मिली, उसके ऊपर से नाइट्रोजन गैस प्रवाहित कर दी गई। ऐसी स्थिति में आक्सीजन शून्य होने से दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई।
कार में चूहे मारने वाली जहरीली गोलियां भी मिली हैं। भाई राजीव ने बताया कि अमन किसी बात को लेकर तनाव में नहीं थे। उनका किसी से कोई विवाद भी नहीं था। किसी ने योजनाबद्ध तरीके से उनकी हत्या की। कोई व्यक्ति अपने चेहरे पर पालीथिन बांधकर उसमें नाइट्रोजन गैस क्यों भर देगा? उन्होंने आशंका जताई कि हत्यारे ने अमन को कार में बंधक बनाकर पालीथिन बांधी, फिर नाइट्रोजन गैस दौड़ा दी।
इससे पहले उन्हें चूहे मार गोलियां देने का प्रयास भी किया गया होगा। अलापुर थाना प्रभारी माधौ सिंह विष्ट ने बताया कि कार अंदर से लाक थी, उसकी चाबी भी अंदर थी। ऐसे में आत्महत्या के संकेत मिल रहे। नाइट्रोजन सिलिंडर कहां से आया, चूहेमार गोलियां कहां से खरीदी गईं, कार कब से सड़क किनारे खड़ी की गई, ऐसे कई बिंदुओं के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
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