वाहन स्वामी को 45 दिन में भरना होगा चालान, पांच बार नियमों के उल्लंघन पर निरस्त होगा Driving Licence
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/12/article/image/traffic-Challan-1770905155835_m.webpसांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
जागरण संवाददाता, आगरा। सड़क पर लापरवाही से वाहन चलने की आदत है, बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने की आदत है तो उसे सुधार लें। वाहन का चालान होने पर समयबद्ध सीमा में उसका भुगतान करना होगा।
नहीं तो आपका ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहन का पंजीकरण दोनों निरस्त कर दिए जाएंगे। वहीं, एक वर्ष में पांच बार या उससे अधिक यातायात नियमाें का उल्लंघन करने पर भी चालक का डीएल निरस्त कर दिया जाएगा।
सड़कों पर अनुशासन और हादसों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात नियमों को और सख्त बनाने को केंद्र सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन यान नियमावली 1989 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है।
केंद्रीय मोटर यान नियम 2026 के तहत अब चालान के भुगतान की सीमा को समयबद्ध कर दिया गया है।
सरकार ने नियम 21 में नया खंड जोड़ते हुए प्रविधान किया है कि एक जनवरी 2026 से एक वर्ष की अवधि में यदि कोई पांच या उससे अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो इसे गंभीर श्रेणी में माना जाएगा। डीएल निरस्त कर दिया जाएगा।
हालाकि पिछले वर्ष के यातायात नियमों के उल्लंघन की संख्या को नए वर्ष की संख्या में शामिल नहीं किया जाएगा।
नए नियमों यह भी प्रविधान है कि प्राधिकारी चालान के विरुद्ध वाहन स्वामी की आपत्ति खारिज कर देता है तो वह न्यायालय की शरण ले सकते हैं। मगर, वाहन मालिक को चालान की राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा पहले जमा कराना होगा।
नए नियम के मुख्य बिंदु
[*]मोटर यान अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भौतिक (पेपर) अथवा इलेक्ट्रानिक (ई-चालान) दोनों रूपों में चालान जारी किया जा सकेगा। चालान स्वचालित इलेक्ट्रानिक निगरानी प्रणाली (कैमरा आदि) से भी जनरेट किया जा सकेगा। वाहनों के माध्यम से प्रावधान उल्लंघन के मामलों में स्वचालित प्रणाली में चालान वाहन स्वामी के विरुद्ध ही जारी किया जाएगा।
[*]भौतिक माध्यम से चालान 15 दिनों के भीतर तथा इलेक्ट्रानिक माध्यम (एसएमएस या ई-मेल पोर्टल) से तीन दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति/वाहन स्वामी को भेजा जाएगा।
[*]प्रशमनीय चालान जारी होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर व्यक्ति को चालान स्वीकार कर भुगतान करने या पोर्टल पर दस्तावेजी साक्ष्य के साथ आपति दर्ज कराने का अधिकार होगा।
[*]निर्धारित समय में आपत्ति न करने की स्थिति में प्रशमनीय चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा और अगले 30 दिन की अवधि में चालान का भुगतान करना होगा।
[*]चालान पर आपत्ति का निस्तारण 30 दिन के भीतर करना अनिवार्य होगा। निस्तारण में चालान गलत पाए जाने पर समाप्त और सही पाए जाने पर अंतिम माना जाएगा। कोई निस्तारण नहीं होने पर इस अवधि के बाद यह चालान स्वतः निरस्त माना जाएगा ।
[*]चालान पर आपत्ति निस्तारण पोर्टल पर अपलोड होने के बाद अगले 30 दिन के भीतर इसे भरना होगा या इसमें आरोपित रकम के आधे के भुगतान के बाद इस चालान को न्यायालय में भी चुनौती दिया जा सकेगा। यदि कोई चुनौती नहीं दी गई तो इस दिन के बाद अगले 15 दिन के भीतर चालान भरना अनिवार्य होगा।
[*]चालान बकाया होने पर संबंधित वाहन को निरुद्ध (Detain) किया जा सकेगा।
[*]चालान लंबित रहने की स्थिति में, निस्तारण तक ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन पंजीयन से संबंधित अधिकांश आवेदनों का निपटान नहीं किया जाएगा। वाहन को पोर्टल पर \“Not to be Transacted\“ के रूप में चिह्नित किया जा सकेगा।
[*]एक जनवरी 2026 से एक वर्ष की अवधि में पाँच या अधिक उल्लंघन करने की स्थिति में चालक/स्वामी को उसके चालक लाइसेंस को धारित करने से धारा 19 के अनुसार अयोग्य घोषित या ऐसे चालक लाइसेंस को निरस्त किया जा सकेगा।
[*]वाहन के विनिर्माण एवं अनुरक्षण संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में जारी किसी चालान के सापेक्ष संबंधित वाहन का पंजीयन, मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 53 और धारा 54 के तहत निलंबित या निरस्त भी किया जा सकेगा।
केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989 में संशोधन करके अब चालान के भुगतान की सीमा को समयबद्ध कर दिया गया है।
नियम 21 में नया खंड जोड़ते हुए एक जनवरी 2026 से एक वर्ष की अवधि में यदि कोई पांच या उससे अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो इसे गंभीर श्रेणी में माना जाएगा।
अखिलेश कुमार द्विवेदी आरटीओ प्रवर्तन
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