झारखंड में लापता बच्चों की तलाश के लिए बनेगी आधार ट्रेसिंग SOP, हाई कोर्ट ने दिया निर्देश
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/12/article/image/JHARKHAND-HIGHCOURT-(5)-1770904256028_m.webpझारखंड हाईकोर्ट। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस एके राय की अदालत में गुमला जिले से आठ साल से लापता बच्ची के मामले में दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार को आधार कार्ड ट्रेस करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे पुलिस को लापता व्यक्तियों की तलाश में तकनीकी स्तर पर त्वरित सहायता मिल सके। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को इस संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने वर्तमान प्रक्रिया पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि अभी आधार से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए यूआइडीएआई के निदेशक को आवेदन देना पड़ता है और अधिकांश मामलों में न्यायालय के आदेश के बिना जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती।
ऐसे में यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि हर पीड़ित परिवार न्यायालय की शरण ले सके। इसलिए एक स्पष्ट और प्रभावी एसओपी बनाया जाना आवश्यक है, जिससे पुलिस को खोजबीन में सहूलियत हो। सरकार की ओर से अधिवक्ता गौरव राज ने पक्ष रखा। कहा गया कि अभी बच्ची का आधार कार्ड ट्रेस नहीं हो पा रहा है।
सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि बच्ची की मां को डायन बताकर मारपीट करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बच्ची की तलाश के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है और तेजी से खोजबीन की जा रही है।
बता दें कि गुमला जिले की एक बच्ची वर्ष 2018 से लापता है। लेकिन पुलिस को अभी तक उसका सुराग नहीं मिला है। बच्ची को पेश करने के लिए उसकी मां ने हाई कोर्ट में हेवियस कार्पस याचिका दाखिल की है।
बुधवार को सुनवाई के दौरान बच्ची की मां ने अदालत को बताया था कि गांव वाले उसे डायन बता मारपीट भी कर रहे हैं। शिकायत के बाद पुलिस प्राथमिकी नहीं दर्ज कर रही है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी और गुमला एसपी को फटकार लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने और महिला को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था।
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