उत्तर प्रदेश में लगेंगे 5 लाख हाई-परफॉर्मेंस चिप्स; YEIDA में स्थापित होगा 1GW का AI हब, 25 बिलियन का महा-निवेश
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/12/article/image/yogi-(5)-1770903707226_m.webpउत्तर प्रदेश में 25 बिलियन डॉलर का AI हब
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के \“डिजिटल उत्तर प्रदेश\“ के विजन को एक नई और विराट ऊंचाई मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश को वैश्विक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मानचित्र पर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की निवेश एजेंसी \“इन्वेस्ट यूपी\“ और एएम ग्रुप (AM Group) के बीच एक ऐतिहासिक साझेदारी हुई है।
इस समझौते के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में 1 गीगावॉट (GW) क्षमता वाले हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट (HPC) और एआई हब की स्थापना की जाएगी। इस महा-परियोजना के लिए यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने एएम ग्रुप को 289 एकड़ भूमि का लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी कर दिया है।
25 बिलियन का निवेश और चरणबद्ध विकास
यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर 28 और सेक्टर 8डी में कुल 289 एकड़ भूमि पर फैलने वाला यह हब 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर के प्रस्तावित निवेश के साथ तैयार होगा। परियोजना को दो प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है:
[*]
प्रथम चरण: वर्ष 2028 तक परिचालन शुरू करने का लक्ष्य।
[*]
पूर्ण क्षमता: वर्ष 2030 तक 1 गीगावॉट की पूर्ण क्षमता हासिल करने का रोडमैप।
5 लाख चिपसेट्स और 24×7 ग्रीन एनर्जी
यह हब तकनीकी रूप से दुनिया के सबसे उन्नत केंद्रों में से एक होगा। इसमें लगभग 5 लाख हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स लगाए जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि यह पूरा हब सौर, पवन और पम्प्ड स्टोरेज जैसे कार्बन-फ्री ऊर्जा स्रोतों से 24×7 संचालित होगा, जो इसे पर्यावरण के अनुकूल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगा।
एआई का लोकतंत्रीकरण और आर्थिक प्रभाव
यह परियोजना न केवल वैश्विक हाइपरस्केलर्स और अनुसंधान संस्थानों की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि भारतीय डेवलपर समुदाय के लिए अत्याधुनिक तकनीक तक पहुंच को आसान बनाकर \“एआई के लोकतंत्रीकरण\“ की दिशा में काम करेगी।
प्रमुख लाभ:
[*]
रोजगार के अवसर: हजारों उच्च-कुशल नौकरियों (High-skilled jobs) का सृजन होगा।
[*]
स्थानीय इकोसिस्टम: हार्डवेयर निर्माण, सॉफ्टवेयर विकास और विशेषीकृत कूलिंग तकनीकों के क्षेत्र में स्थानीय बाजार को मजबूती मिलेगी।
[*]
वैश्विक पहचान: यह पहल उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था के वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल एआई चिपसेट की उपलब्धता और कंप्यूटिंग पावर की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ राज्य में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने में गेम-चेंजर साबित होने वाली है।
Pages:
[1]