Gold Investment: Gen Z क्यों खरीद रही 2-5 ग्राम सोना? ₹25000 निवेश में गोल्ड नंबर-वन; ये आंकड़े चौंका देंगे
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/12/article/image/Budget-2026-(36)-1770899673675_m.webpGold Investment: Gen Z क्यों खरीद रही 2-5 ग्राम सोना? ₹25000 निवेश में गोल्ड नंबर-वन; ये आंकड़े चौंका देंगे
नई दिल्ली| अगर 25,000 रुपए निवेश करने हों तो जेन जी (Gen Z) और मिल्लेनियल्स (Millennials) किसे चुनेंगे? जी हां, आप सही सोच रहे हैं। जवाब है- सोना। दरअसल, कंज्यूमर रिसर्च फर्म \“Smytten PulseAI\“ के देशव्यापी सर्वे में 62 फीसदी युवाओं ने गोल्ड को सबसे सुरक्षित निवेश बताया। जबकि म्यूचुअल फंड, स्टॉक मार्केट और क्रिप्टो काफी पीछे रह गए।
इस सर्वे में 18 से 39 साल के 5,000 लोगों से बातचीत की गई। यह रिपोर्ट बताती है कि भरोसा अब भी सोने पर कायम है, लेकिन खरीदने का तरीका बदल रहा है। अब युवा पारंपरिक पारिवारिक फैसलों के बजाय खुद छोटे-छोटे अमाउंट में सोना खरीद रहे हैं।
5 ग्राम से कम सोना खरीद रहे
करीब 66.7% लोगों ने कहा कि आज वे सोना खरीदने (Gold Investment) का फैसला खुद लेते हैं। वहीं 61.9% ने बताया कि उनकी हालिया खरीद 5 ग्राम से कम की थी। इसका मतलब है कि सोना अब सिर्फ शादी-ब्याह तक सीमित नहीं, बल्कि पहली सैलरी और शुरुआती कमाई से जुड़ा एक फ्लेक्सिबल सेविंग टूल बन गया है।
61% लोगों ने गोल्ड को चुना
अगर आज 25,000 रुपए निवेश करने हों, तो 61.9% लोग सोना चुनेंगे। इसके मुकाबले म्यूचुअल फंड को 16.6%, फिक्स्ड डिपॉजिट को 13%, शेयर बाजार को 6.6% और क्रिप्टो को सिर्फ 1.9% लोगों ने प्राथमिकता दी। आर्थिक अनिश्चितता के समय 65.7% युवाओं ने माना कि सोना ही सबसे सुरक्षित विकल्प लगता है।
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जेन जी दिखी आत्मनिर्भर
फैसले लेने में पीढ़ीगत फर्क भी दिखा। 42.3% लोगों ने कहा कि घर में हालिया सोना खरीदने की शुरुआत उन्होंने खुद की, जबकि 40% ने माना कि माता-पिता या बड़े सदस्यों का रोल रहा। जेन जी ज्यादा आत्मनिर्भर दिखी, जबकि मिल्लेनियल्स अभी भी सोने को परिवार की लंबी सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं।
पहली सैलरी से गोल्ड में निवेश
खरीदारी के पैटर्न में भी बदलाव साफ है। 27.5% लोगों ने 2 ग्राम से कम सोना खरीदा, जबकि 34.4% ने 2 से 5 ग्राम के बीच। करीब 42% घर अब हल्की और समय-समय पर खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। खास बात यह है कि 24.3% लोगों की पहली सोना खरीद उनकी पहली सैलरी से जुड़ी थी, जबकि 23.9% ने इसे निवेश फैसला बताया, यानी अब शादी ही एंट्री पॉइंट नहीं रही।
लोकल ज्वैलर्स सबसे भरोसेमंद
खरीद चैनल में भरोसा सबसे बड़ा फैक्टर है। 38.3% लोग बड़े ब्रांडेड ज्वैलरी स्टोर पसंद करते हैं, 34.7% स्थानीय ज्वैलर्स पर भरोसा करते हैं, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सिर्फ 5.2% पर सीमित हैं। शुद्धता और छिपे चार्ज को लेकर चिंता बनी हुई है।
हालांकि दिलचस्प बात यह है कि 67% से ज्यादा लोगों ने सोना खरीदने के बाद पछतावा महसूस किया। मुख्य वजह थी- कीमत, फॉर्मेट को लेकर कन्फ्यूजन और जानकारी की कमी।
फिर भी 84% लोग अगले 12-24 महीनों में दोबारा सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं। साफ है, तरीका बदल रहा है, लेकिन सोने पर भरोसा अभी भी गोल्ड स्टैंडर्ड बना हुआ है।
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