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सोनीपत के गोहाना-गन्नौर में 8,233 एकड़ बंजर भूमि होगी उपजाऊ, किसानों को मिलेगा लाभ

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गांव भंडेरी में अधिकारी लवणीय भूमि का निरीक्षण करते हुए। जागरण






परमजीत सिंह, गोहाना। गन्नौर और गोहाना क्षेत्र के आठ गांवों में फैली 8,233 एकड़ लवणीय (रेह) भूमि को दोबारा खेती योग्य बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। भूजल स्तर बढ़ने और जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण वर्षों से प्रभावित खेतों में अब सब-सरफेस और वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम लगाए जाएंगे।

छह प्रोजेक्ट मंजूर हो चुके हैं जिन पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गांव रुखी व भंडेरी के लिए अलग से प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं। गांव छपरा और गंगाना में सब-सरफेस ड्रेनेज सिस्टम के तहत पाइपलाइन बिछाकर जमीन के भीतर जमा अतिरिक्त पानी को निकाला जाएगा। अन्य गांवों में वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम से भूमि को सुधारा जाएगा।
कहां किस सिस्टम के तहत होगा काम

गांव ईशापुर खेड़ी, बरोदा मोर, बड़ी, गंगाना, रुखी और आंवली में वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम के तहत काम होगा। इसके तहत ट्यूबवेल लगाकर जमीन के नीचे जमा खारा व अतिरिक्त पानी बाहर निकाला जाएगा। उस पानी को ड्रेनों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे खेतों का भूजल स्तर संतुलित रहेगा। दूसरी तरफ गांव छपरा और गंगाना में सबसरफेस ड्रेनेज सिस्टम के तहत जमीन के भीतर पाइपलाइन बिछाकर अतिरिक्त पानी निकाला जाएगा। अतिरिक्त पानी को ड्रेनों तक पहुंचाया जाएगा।
ऐसी बिगड़ती गई स्थिति

जिन गांवों में लवणीय भूमि के सुधार को लेकर परियोजनाएं बनाई गई हैं वहां पर पिछले वर्षों में भूजल स्तर काफी ऊपर आ चुका है। खेतों में पानी ठहरने से मिट्टी में लवणीयता बढ़ी और जमीन रेह बनती चली गई। ऐसी जमीन पर गेहूं-धान, गन्ना और अन्य प्रमुख फसलें ठीक से तैयार नहीं हो पा रही हैं। किसानों को जोताई व बिजाई में काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन उत्पादन कम होने के कारण नुकसान झेलना पड़ता है।
सिस्टम स्थापित होने पर यह होगा फायदा

वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम और सबसरफेस ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था होने से खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी संभव होगी और मिट्टी की सेहत सुधरेगी। भूजल स्तर उचित सीमा पर आने के बाद लवणीयता घटेगी और जमीन की उत्पादकता बढ़ेगी। इससे प्रभावित 8,233 एकड़ भूमि पर दोबारा अच्छी पैदावार की उम्मीद है। परियोजनाएं पूरी होने के बाद इस भूमि पर फसलें लहलहाने से न केवल किसानों की आय में बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र की कृषि उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी।



    गांव लागत (लाख में) भूमि (एकड़ में)


   आंवली
   59
   1,000


   बरोदा मोर
   140
   2,000


   ईशापुर खेड़ी
   97
   1,250


   बड़ी
   34
   340


   गंगाना
   349
   885


   छपरा
   317
   688




रुखी व भंडेरी के लिए प्रस्ताव तैयार

रुखी गांव में लगभग 1,000 एकड़ लवणीय भूमि का सुधार होगा। भंडेरी में लगभग 1,100 एकड़ भूमि लवणीय है जिसका सुधार किया जाएगा। दोनों गांवों में ड्रेनेज सिस्टम के तहत काम कराने के लिए प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं।


गेहूं की फसल की कटाई के बाद काम शुरू कराया जाएगा। छह गांवों में होने वाले कामों के टेंडर हो चुके हैं। रुखी व भंडेरी गांव के लिए प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं।

-सुरेंद्र, सहायक भूमि परीक्षण अधिकारी
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