Muzaffarpur News : देश के अंदर अपना एजेंडा चलाने वाले अनेक दुश्मन, उनसे रहें सावधान
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/rss-1769440176556_m.webpमुजफ्रफरपुर से प्रस्थान करते सरसंघचालक मोहन भागवत। जागरण
अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। मधुकर निकेतन परिसर में ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने संघचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने संघचालकों को संगठन की इकाइयों को सही दिशा में संचालित करने, उन्हें आगे बढ़ाने, संघ के कार्यक्रमों का विस्तार करने और नए कार्यकर्ता तैयार करने का टास्क दिया।
अपने संबोधन में सरसंघचालक ने देश की वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज भारत को बाहरी और आंतरिक दोनों प्रकार के दुश्मनों का सामना करना पड़ रहा है।
बाहरी शक्तियों और शत्रुओं के बारे में हम सभी सजग हैं, लेकिन देश के भीतर भी अनेक ऐसे लोग और ताकतें हैं जो अपना एजेंडा चला रहे हैं। हमें ऐसे लोगों और शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। उनके षड्यंत्रों को पहचान कर समाज के सामने उजागर करना होगा।
उन्होंने संघचालकों को उनके निर्धारित दायित्वों और कर्तव्यों की याद दिलाते हुए कहा कि आप सभी संघ के चालक हैं। चालक का दायित्व होता है संगठन को सही दिशा में चलाना। संघ की इकाइयों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करना, उन्हें आगे बढ़ाना, संघ के कार्यक्रमों का विस्तार करना और नए कार्यकर्ताओं का निर्माण करना आपका प्रमुख कार्य है।
सरसंघचालक ने आह्वान करते हुए कहा कि संघ के कार्य और कार्यक्रम समाज के बीच प्रभावी ढंग से पहुंचें और उनका सफल क्रियान्वयन हो, इसकी चिंता सभी को करनी होगी। भारत को परम वैभव की ओर ले जाना और संगठन को मजबूत व प्रभावशाली बनाना आप सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
बैठक की शुरुआत प्रश्नोत्तर सत्र से हुई। इस दौरान संघचालकों ने संघ, समाज, वर्तमान समय में अपनी भूमिका, राष्ट्रीय दायित्वों और समसामयिक विषयों से जुड़े प्रश्न रखे। सरसंघचालक ने नीतिगत और मार्गदर्शक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर मुजफ्फरपुर आए थे। पहले दिन 25 जनवरी को उन्होंने सामाजिक सद्भाव गोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम में भाग लिया, जहां समाज परिवर्तन में सज्जन शक्ति की भूमिका पर उनका उद्बोधन हुआ। इस कार्यक्रम में उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों से प्रतिनिधि शामिल हुए।
दूसरे दिन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरसंघचालक ने मधुकर निकेतन परिसर में ध्वजारोहण किया। इसके बाद खंड स्तर से लेकर प्रांत स्तर तक के संघचालकों के साथ संवाद किया और फिर यहां से प्रस्थान कर गए।
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