70 फिल्में और 13 वेब सीरीज करने वाले अभिनेता को पद्मश्री सम्मान, दोस्त ने कहा था- तुम्हारी आवाज अच्छी है!
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/Padma-shree-anil-1769403801965_m.webpजागरण संवाददाता, लखनऊ। वरिष्ठ रंगकर्मी डा. अनिल रस्तोगी को कला के प्रति समर्पण के लिए पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। डा. रस्तोगी के नाम की घोषणा कर दी गई है। वह लखनऊ के ऐसे कलाकार हैं, जिन्हें रेडियो, टेलीविजन, रंगमंच और सिनेमा, चारों विधाओं का ज्ञान है।
70 से अधिक फिल्में, 15 वेब सीरीज और 22 धारावाहिकों के 500 से अधिक एपिसोड में काम का अनुभव रखने वाले डा. रस्तोगी ने हाल ही में नाटकों के मंचन का शतक भी पूरा कर लिया है। वह 64 वर्षों से रंगमंच, 54 वर्षों से रेडियो, 49 वर्षों से टीवी और 39 वर्षों से फिल्मों में अभिनय कर रहे हैं।
किसी अभिनेता के लिए यह बड़ी उपलब्धि से कम नहीं। आज के युवाओं को इतना कार्य करते-करते एक अवस्था लग सकती है, किंतु डा. अनिल रस्तोगी ऐसे अभिनेता हैं, जो केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआइ) से सेवानिवृत्त होने के बाद दूसरी पारी में सिनेमाई दुनिया में सक्रिय हुए और 82 वर्ष की उम्र में अब भी निरंतर काम कर रहे हैं। 70 वर्ष की उम्र में जब कलाकार मुंबई से लौटते हैं और तब डा. रस्तोगी वहां स्थापित होने गए थे। उन्होंने किसी को रोल छोटा हो या बड़ा नहीं माना, बस स्थिर दृश्य चाहते रहे।
100 नाटकों के किए 950 से अधिक शो
डा. रस्तोगी ने सीडीआरआइ में नौकरी के साथ रंगमंच की भी सेवा की। 1962 में उनके एक दोस्त ने कहा कि तुम्हारी आवाज अच्छी है, रेडियो में क्यों नहीं काम करते। उनकी प्रेरणा से 1971 में रेडियो में आकाशवाणी में आडिशन देने गए और बी ग्रेड में उत्तीर्ण हो गए। फिर रेडियो में काम करने लगे।
थिएटर और रेडियो से होकर टीवी पर गए। 1989 में धारावाहिक उड़ान किया। इसके बाद ये वो मंजिल तो नहीं की। फिर मरीचिका, मैं मेरी पत्नी और वो, खून बहा गंगा में जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन 2012 में इश्कजादे में काम करने से पहचान मिली। उन्होंने देशभर में 100 नाटकों के 950 से अधिक शो किए हैं।
मिल चुके दो राष्ट्रीय और छह राज्य पुरस्कार
डा. रस्तोगी को दो राष्ट्रीय और छह राज्य पुरस्कार पहले मिल चुके हैं। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (2023), राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के फेलो (1999), उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी का भारत रत्न अटल उर्दू सम्मान (2024), दूरदर्शन उत्तर प्रदेश का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार (2024), उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1984) के अलावा उन्हें शैक्षणिक और अन्य संस्थानों, निजी संगठनों और मीडिया संस्थानों से 65 से अधिक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
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