मिथिला विश्वविद्यालय में AI और फारेंसिक साइंस की पढ़ाई, पुलिस कर्मियों को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/LNMU-1769397512895_m.webpकुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में अभिषद की बैठक। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक आगामी 28 जनवरी को होनी है। इससे पहले रविवार को कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में अभिषद की बैठक बुलाई गई।
हाइब्रिड - मोड में कुलपति आवासीय कार्यालय में आहूत इस बैठक में अकादमिक सत्र 2026- 2027 के बजट की अंतिम समीक्षा के साथ ही प्रशासनिक और शैक्षणिक मुद्दों से संबंधित पटल पर रखे मदो के संवर्द्धन के लिए सदस्यों ने अपने विचार रखे।
सिंडिकेट सदस्यों ने इस सत्र के बजट में सभी पेंशन लाभार्थियों के नाम सहित राशि को रेखांकित करने का सुझाव दिया। नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में वर्ष 2032 तक अनुदानित विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में पहल का स्वागत सदस्यों ने सर्वसम्मति से अनुपालित किया।
चार लैब खोली जाएंगी
आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और फारेंसिक साइंस में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, यूजी और पीजी कोर्सेज लागू करने की दृष्टि से सिंडिकेट सदस्य सुजीत कुमार के समन्वय में उच्च अधिकारियों के सहयोग से क्रियान्वित करने का निर्णय लिया गया। इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत चार लैब खोले जाएंगे। इसका उद्देश्य LNMV को अनुदानित विश्वविद्यालय बनाना होगा।
इसके अंतर्गत बिहार राज्य की पुलिस सेवा में चयनित अभ्यर्थी अथवा अन्य संस्थानों के जिज्ञासु फारेंसिक विज्ञान और एआई में प्रशिक्षित हो सकेंगे। बैठक की कड़ी में मीना झा ने पटल पर रखे प्रस्ताव को सदस्यों ने पास करते हुए बैठक के अध्यक्ष की सहमति प्राप्त की।
म्यूजियम सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए
बता दें कि इस निर्णय से नरगौना स्थित स्नातकोत्तर इतिहास विभाग में अवस्थित म्यूजियम का जीर्णोद्धार किया जाएगा। कुलपति ने इस बाबत साफ कर दिया कि म्यूजियम सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए खुलेगा और इसका प्रायोजन स्टूडेंट प्रोजेक्ट, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस के लिए किया जाएगा।
पीजी इतिहास के विभागाध्यक्ष इस म्यूजियम के कन्वेनर होंगे और अभियांत्रिकी अनुभाग, आईटी सेल एवं एस्टेट अनुभाग के सहयोग से पुनरुद्धार कार्य किया जाएगा।
बैठक में प्रो. बैद्यनाथ चौधरी, प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, प्रो. अशोक मेहता, प्रो. विजय कुमार यादव, प्रो. हरि नारायण सिंह, वित्तीय परामर्शी इंद्र कुमार, डा. धनेश्वर प्रसाद, डा. अमर कुमार, डा. अनिल कुमार चौधरी, डा. बीरेंद्र कुमार चौधरी, डा. गुलाम सरवर और कुलसचिव डा. दिव्या रानी हंसदा उपस्थित थीं।
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