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लद्दाख में जलवायु परिवर्तन का असर, जंस्कार नदी में बर्फ नहीं जमने से चादर ट्रैक रद; पर्यटकों में निराशा

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जलवायु परिवर्तन, जंस्कार नदी में नहीं जमी बर्फ, चादर ट्रैक रद।



राज्य ब्यूरो, जम्मू। इस साल लद्दाख में जंस्कार नदी पर चादर ट्रैक का आयोजन नहीं होगा। जनवरी माह के दूसरे पखवाड़े में भी जंस्कार नदी का पानी नहीं जमने पर प्रशासन ने यह फैसला लिया है। लेह जिला प्रशासन ने चादर ट्रैक रद करने का आदेश जारी किया है।

माना जा रहा है कि पिछले कुछ सालों से जलवायु परिवर्तन के कारण निर्धारित समय में जंस्कार नदी में बर्फ नहीं जम रही है। जिला प्रशासन ने स्थानीय टूर, ट्रैवल आपरेटरों को निर्देश दिए कि जंस्कार नदी पर ट्रैकिंग संबंधी गतिविधियां रद कर दें। इस बार खतरा है। नदी में बर्फ नहीं जमी है, ऐसे में ट्रैकिंग गतिविधियों का आयोजन संभव नहीं है।

पर्यटकों व ट्रैकरों को भी हिदायत दी गई है कि वे जंस्कार नदी में ट्रैकिंग न करने के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन के इस आदेश से पर्यटकों के साथ जंस्कार नदी में ट्रैकिंग गतिविधियां प्लान कर रहे स्थानीय टूर, ट्रैवल आपरेटरों में निराशा है।

लद्दाख पुलिस, डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, वन्यजीव, पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ आल लद्दाख टूर आपरेटर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम ने इस बार जंस्कार नदी की दो बार रैकी की थी। जनवरी के दूसरे पखवाड़े में नदी में बर्फ नहीं जमी थी। जंस्कार नदी के के किनारों पर कुछ जगहों पर दो से तीन फुट बर्फ ही जमी है।

रैकी करने वाली टीम ने दोनों बार जिला प्रशासन को दी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि जंस्कार नदी पर ट्रैकिंग करना असुरक्षित है। दूसरी बार रैकी करने वाली टीम ने कुछ दिनों में जंस्कार नदी का निरीक्षण करने का फैसला किया था। लेकिन इससे पहले ही प्रशासन ने ट्रैकिंग रद करने का फैसला कर दिया।

लद्दाख में तामपान में वृद्धि को देखते हुए स्पष्ट हो गया कि अब जंस्कार नदी पर ट्रैकिंग संभव नहीं होगी। लद्दाख में फरवरी महीने में तापमान बढ़ने लगता है। आल लद्दाख टूर आपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी छिवांग नामग्याल ने बताया कि बहुत पर्यटक चादर ट्रैक पर आने के लिए मन बनाए बैठे थे।

हमने भी इससे उम्मीदें लगाई थी। लेकिन इस बार मौसम चादर ट्रैक के लिए साजगार नहीं रहा। सामान्य हालात में जनवरी माह का दूसरा पखवाड़ा शुरू होते ही चादर ट्रैक शुरू हो जाता था। जनवरी माह के अंतिम दिनों में भी जंस्कार के नहीं जमने से पहले ही लग रहा था कि ट्रैक का आयोजन संभव नहीं होगा।

लद्दाख में वर्ष 1994 से बर्फ से जमी जंस्कार नदी पर चादर ट्रैक के लिए पर्यटकों के आने का सिलसिला शुरू हुआ था। पिछले कुछ सालों से चादर ट्रैक के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस समय भी चादर ट्रैक में हिस्सा लेने के लिए देश के अन्य हिस्सों से कुछ पर्यटक लेह पहुंचे हुए हैं। मौजूदा हालात में जनवरी महीने के अंत तक इय ट्रैक के आयोजन की कोई संभावना नहीं है।
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