बिहार : कक्षा 9 से 12 तक के मेधावी छात्रों को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी, प्रकिया जान लें
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/Bihar-Meritorious-students-from-classes-9-to-12-will-receive-an-annual-scholarship-of-Rs-12000-1769377154820_m.webpप्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के नवमी से 12वीं तक के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए खुशखबरी है। उनके उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति योजना के तहत उन्हें लाभ दिया जाएगा। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया 26 जनवरी से शुरू होगी।
आनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी निर्धारित की गई है। इच्छुक छात्र राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद की वेबसाइट scert.bihar.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 8 मार्च को इसका एंट्रेंस टेस्ट आयोजित होगा। जिसके लिए प्रवेश पत्र 5 मार्च से उपलब्ध होंगे। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली में मानसिक योग्यता परीक्षा और दूसरी पाली में शैक्षिक योग्यता परीक्षा ली जाएगी।
परीक्षा में 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य
दोनों विषयों में 90-90 अंकों के प्रश्न होंगे। सामान्य वर्ग के छात्रों को न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग छात्रों के लिए यह सीमा 32 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
[*]राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए आवेदन 26 जनवरी से
[*]बिहार से कुल 5,433 जबकि देशभर से लगभग एक लाख विद्यार्थियों का चयन किया
इस योजना के तहत सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं। चयनित छात्रों को कक्षा 9 से 12 तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये छात्रवृत्ति दी जाएगी। बिहार से कुल 5,433 जबकि देशभर से लगभग एक लाख विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर छात्र ntsenmmssexam.scertbihar@gmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं या 9473035530 एवं 9430283921 पर संपर्क कर सकते हैं।
285 स्कूलों में बनेगा सखी सेल्फ डेस्क, हर माह स्कूलों में लगेगा किशोरी स्वास्थ्य शिविर
राज्य के सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर नई पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत हर महीने की आठ तारीख को विद्यालयों में विशेष किशोरी स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। शिविरों का उद्देश्य छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, प्राथमिक देखभाल और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराना है।
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक स्कूल में “सखी सहायता डेस्क” स्थापित की जाएगी, जहां किशोरियों से जुड़ी स्वास्थ्य सामग्री और प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध रहेगी। डेस्क के संचालन के लिए शिक्षकों को चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे छात्राओं की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ संभाल सकें।
इसको लेकर विद्यालय स्तर पर कार्यशालाएं, जागरूकता कार्यक्रम, चित्रकला, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। वहीं शिविरों की निगरानी प्रधानाध्यापक करेंगे और गतिविधियों का रिपोर्टिंग किया जाएगा। जिले में 285 स्कूलों में इसकी स्थापना की जाएगी।
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