Chikheang Publish time Yesterday 23:56

संत का मतलब क्‍या, स्‍वामी आगमानंद ने कर दी इसकी संपूर्ण व्‍याख्‍या, बताए संतों का शरण क्‍यों है जरुरी

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बिहपुर प्रखंड के सोनवर्षा पंचायत में महाविष्णु यज्ञ के वार्षिकोत्सव आयोज‍ित कार्यक्रम का शुभारंभ करते स्‍वामी आगमानंद जी महाराज व अन्‍य।



संवाद सूत्र, बिहपुर (भागलपुर)। भागलपुर के नवगछ‍िया इलाके में बिहपुर प्रखंड के सोनवर्षा पंचायत में महाविष्णु यज्ञ के वार्षिकोत्सव पर रविवार से प्रवचन कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जो 29 जनवरी तक हाईस्कूल सोनवर्षा के मैदान में होता रहेगा। हाईस्कूल सोनवर्षा के मैदान में शुरू हुए इस आयोजन का विधिवत उद्घाटन जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने किया। इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से स्वामी आगमानंद जी महाराज एवं भजन सम्राट डॉ. ह‍िमांशु मोहन मिश्र \“दीपक जी\“ को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
सोनवर्षा में महाविष्णु यज्ञ वार्षिकोत्सव पर प्रवचन शुरू

स्‍वामी आमानंद जी महाराज अंग क्षेत्र के प्रस‍िद्ध संत हैं, जो प्रस‍िद्ध‍ि संपूर्ण देश में फैली है। स्‍वामी आगमानंद जी महाराज श्री श‍िवशक्‍त‍ि योगपीठ नवगछ‍िया के पीठाश्‍वर होने के साथ-साथ श्री उत्‍ततोताद्रि‍ मठ व‍िभीषणकुंड अयोध्‍या के उत्‍तराध‍िकारी हैं। वे एक स‍िद्ध संत होने के साथ-साथ संत श‍िरोमणी हैं। उनके दर्शन, पूजन और आशीर्वाद के ल‍िए भीड़ लगी रहती है।
संतों के उपदेशों का अनुकरण करना ही सच्चा सत्संग : स्वामी आगमानंद जी

स्वामी आगमानंद जी ने कहा कि संतों के उपदेशों का अनुकरण करना ही सच्चा सत्संग है। स्‍वामी आगमानंद ने कहा क‍ि संत अर्थात एक हाथ से लेना दूसरे हाथ से दान कर देना। संत अर्थात दूसरों के लि‍ए समर्पि‍त। समाज का कल्‍याण। देश व समाज के समर्पि‍त। इसल‍िए प्रत्‍येक लोगों को संतों के शरण में रहना चाह‍िए। क्‍योंक‍ि संत के शरण में शांत‍ि है, कल्‍याण है, मोक्ष है, उद्धार है।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

यहां प्रवचन कार्यक्रम प्रतिदिन दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक होगा। इसमें गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) की विदुषी कथावाचिका विजयालक्ष्मी तथा अयोध्या से पधारे विद्वान कथावाचक पंडित मनोज मिश्र जी महाराज श्रद्धालुओं को कथा-प्रवचन करेंगे।

आयोजन समिति के अध्यक्ष पूर्व कुलपति प्रो. अवधिकिशोर राय के नेतृत्व में संयोजक अजय लाली कुंवर, सचिव निरंजन उर्फ पप्पू कुंवर एवं कोषाध्यक्ष समरेंद्र कुंवर के संयोजन से धर्म, अध्यात्म और भक्ति की गंगा प्रवाहित होगी। व्यवस्था में जुटे समिति के सदस्यों जी सहित अन्य ने बताया कि सोनवर्षा रामनगर वार्ड आठ स्थित महाविष्णु यज्ञ मंडप में शुक्रवार और शनिवार को पंडित डा. रतिशचंद्र झा द्वारा लघु विष्णु यज्ञ, हवन, रामधुन एवं पूजन संपन्न कराया गया।
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