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गाजियाबाद में फर्जी बिलिंग से कैंसर की दवाओं की तस्करी करने वाले दबोचे, तीन नई दवा फर्में आईं जांच के घेरे में

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बिलिस फार्मा, पीके फार्मा आगरा और जयपुर की खुशी मेडिकल स्टोर से भी कैंसर दवा की बिलिंग पाई गई है।



विनीत कुमार, गाजियाबाद। कैंसर की दवा की तस्करी करने वाले गिरोह की जांच कर रही पुलिस को आरोपितों के नेटवर्क में शामिल तीन दवा फर्मों की मिलीभगत का पता चला है। इनमें बिलिस फार्मा, पीके फार्मा आगरा और जयपुर की खुशी मेडिकल स्टोर से भी कैंसर दवा की बिलिंग पाई गई है। इनके खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दो महीने की जांच के दौरान पुलिस ने एक अन्य आरोपित को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
फर्जी बिलों का खेल

पुलिस ने 22 नवंबर को राजनगर एक्सटेंशन निवासी विश्वास त्यागी, आगरा के बोदला निवासी आकाश शर्मा और मुरादनगर निवासी प्रिंस त्यागी को गिरफ्तार किया था। विश्वास त्यागी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह अपनी लाइसेंस रद्द फर्म द मेडिसन हब के नाम पर फर्जी बिलों का खेल चलाता था।
जांच की तो फर्म बंद मिली

दिल्ली के चावड़ी बाजार स्थित आरबी एंटरप्राइजेज, ओखला की नोविटा फार्मा और गाजियाबाद की केयरहुड से फर्जी खरीद दिखाकर कैंसर की दवाओं को मुंबई और दिल्ली की तीन दवा फर्म थ्राइव फार्मा, यतनेश फार्मा और ब्रदर्स फार्मा को बेचता था। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने 24 नवंबर को केयरहुड फार्मा पर जांच की तो फर्म बंद मिली थी। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए विश्वास त्यागी और आकाश शर्मा के लिए काम करने वाले आगरा के भज्जूपुरा निवासी भगवान दास को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
कैंसर की यह दवा हुई थी बरामद

पुलिस ने 22 नवंबर को कैंसर की दवा कीट्रूडा, एन्हर्टू, जिफ्टिब, बिलिप्सा, कासिट, जोलास्टा, नोवोटेक्स बरामद की थी। इनमें से कीट्रूडा का एक बैच जिसकी कीमत 2.16 लाख रुपये है वह आयातित श्रेणी की औषधि है और कैंसर के उपचार में अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। ये दवाएं न केवल अत्यंत महंगी हैं बल्कि इनमें से कई को 2 से 8 डिग्री कोल्ड चेन में रखना अनिवार्य होता है, जबकि गिरोह इन्हें बैग और गत्ते के डिब्बों में भरकर तस्करी करता था।
लाखों की दवा और नकदी बरामद

22 नवंबर को पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने कैंसर की दवा की तस्करी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। यह गिरोह दिल्ली से सीजीएसएस के लिए आपूर्ति की जाने वाली दवाओं को चोरी से मांगकर महाराष्ट्र और दिल्ली में बेच रहे थे। इसके अलावा कैंसर की एक्सपायर दवाओं को भी ऐसे ही बेच रहे थे। आरोपितों से 19 लाख रुपये की कैंसर की दवाएं और 8.85 लाख रुपये नकद बरामद करने के साथ ही एक कार भी बरामद की गई थी।
इन फर्मों के खिलाफ जांच जारी

पुलिस विश्वास त्यागी की फर्म केयर हुड, आरबी इन्टरप्राईज चावडी बाजार दिल्ली, नोविटा फार्मा ओखला दिल्ली, मनोज राजपाल रघुनंदन मेडिकल रोहिणी दिल्ली, थ्राईव फार्मा, यतनेश फार्मा, ब्रदर्स फार्मा, बिलिस फार्मा, पीके फार्मा आगरा, खुशी मेडिकल स्टोर जयपुर के खिलाफ जांच जारी रखे हुए है।


“अभी तक की जांच में तीन अन्य दवा फर्मो के नाम सामने आए हैं। जबकि एक आरोपित को जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम पूरे मामले की तेजी से जांच कर रही है। दवा नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद शीघ्र आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।“

-धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी


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