यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ने के बाद शंकराचार्य के अपमान तक आ गई सरकार
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/Ajay-Rai-in-Kanpur-Dehat-1769359507023_m.webpभटौली गांव में जनसभा को संबोधित करते प्रदेश अध्यक्ष अजय राय(दाएं से तीसरे)। जागरण
संवाद सूत्र, रूरा (कानपुर देहात)। बनारस के मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़ने के बाद अब भाजपा सरकार शंकराचार्य को भी अपमानित कर रही है। दूसरी ओर, एक बाबा पर मुख्यमंत्री की कृपा है और वह हाथी पर सवार होकर संगम स्नान करने पहुंचते हैं। इस सरकार की कथनी-करनी में अंतर है। यह दुष्प्रचार कर जनता को गुमराह कर रही है। यह बातें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने रविवार को रूरा में मनरेगा बचाओ संग्राम परिवर्तन यात्रा के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में रविवार को रूरा नहर पुल से मनरेगा बचाओ संग्राम परिवर्तन यात्रा निकाली गई जो भटौली गांव तक पहुंची। यहां जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को खाद व युवाओं को रोजगार देने के बजाय यह सरकार मनरेगा को खत्म करने का प्रयास कर मजदूरों की मजदूरी छीनने का काम कर रही है। कांग्रेस परिवर्तन यात्रा से जनता को जागरूक कर भाजपा को प्रदेश से भगाने का काम करेगी। यह सरकार झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने का काम करती है।
आम जनता की जमीन, दुकानों व मकानों को तोड़ने वाली सरकार अब शंकराचार्य को अपमानित करने का काम कर रही है, उनकी चोटी नोची जा रही है। बनारस के मणिकर्णिका घाट में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़ने के बाद जब उनके वंशजों ने सरकार से अनुरोध किया तो उसको झुठलाने के लिए कांग्रेस का दुष्प्रचार कर एआइ से चित्र बनाकर प्रसारित कर जनता को गुमराह करने लगी। उन्होंने मौजूद लोगों से भाजपा को भगाने का आह्वान किया, जिस पर कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका उत्साह बढ़ाया। जिलाध्यक्ष अंबरीश सिंह गौर ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
यात्रा में शामिल महिलाएं व पुरुष हाथों में तख्ती लेकर नारेबाजी करते हुए जोश भरते रहे। यात्रा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने करीब एक किमी दौड़ लगा कार्यकर्ताओं में जोश भरा। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। यात्रा में पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश कटियार, नीतम सचान, पीसीसी सदस्य नीलम दिवाकर, धवल पांडेय, विकास अवस्थी, निहारिका सिंह, मनोरमा संखवार, रामऔतार दीक्षित, दिलीप सिंह मुन्ना, पिंटू दिवाकर, वाजिद कुरैशी, रमाकान्त शुक्ला, राजेश तिवारी, राज बहादुर कुरील, राजेन्द्र सचान, मानवेंद्र दीक्षित मौजूद रहे।
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