Ranji Trophy Round-Up: रणजी ट्रॉफी के इतिहास में उप्र की घर में सबसे बड़ी हार, सरफराज खान के दोहरे शतक से जीती मुंबई
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/Ranji-Trophy-Round-Up-1769350965352_m.webpउत्तर प्रदेश को मिली हार।
विकास मिश्र, जागरण लखनऊ। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में उत्तर प्रदेश को घरेलू मैदान पर सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी है। अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में झारखंड ने उप्र की दूसरी पारी सिर्फ 84 रनों पर समेट कर मेजबान टीम को पारी और 301 रनों से करारी शिकस्त दी। ऐसे में 21 साल बाद भी उप्र का चैंपियन बनने का सपना अधूरा रह गया, क्योंकि इस हार से वह क्वार्टर फाइनल की दौड़ से बाहर हो गई।
इकाना स्टेडियम में इसके पहले 2019-20 में हिमाचल प्रदेश ने यूपी को 386 रनों से पराजित किया था। उप्र ने 2005-06 में पहली और अंतिम बार ट्राफी जीती थी। झारखंड ने पहली पारी में 561 रन बनाए, जबकि आर्यन जुयाल की टीम उप्र पहली पारी में 176 और दूसरी पारी में 84 रन पर ढेर हो गई। सौरभ शेखर ने 16 रन देकर उप्र के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।
जिस पिच पर झारखंड के शरणदीप सिंह और कुमार कुशाग्र ने शतक और चार अन्य खिलाड़ियों ने अर्धशतक जड़े, उसी पर मेजबान खिलाड़ी रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे। इस जीत से झारखंड की टीम एक बोनस समेत सात अंक लेकर 25 अंकों के साथ अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है।
आयुष के शतक से दिल्ली ने खेला ड्रॉ
दिल्ली और छत्तीसगढ़ के बीच मुकाबले में दिल्ली की हार को टालने के लिए आयुष दोसेजा को दूसरी पारी में भी शतक लगाना पड़ा। उन्होंने दिल्ली की पहली पारी में भी सर्वाधिक 104 रन बनाए थे। वहीं दूसरी पारी में जब दिल्ली 289 रन से पिछड़ रही थी तो आयुष ने 129 रन की शतकीय पारी खेली। उनसे पहले सनत सांगवान ने 44, प्रियांश आर्य ने 82 और कप्तान आयुष बडोनी ने 68 रन बनाकर टीम को ठोस शुरुआत दी।
इससे दिल्ली ने दूसरी पारी में कुल 422 रन बनाए। जवाब में आखिरी दिन का खेल समाप्त होने तक छत्तीसगढ़ ने तीन विकेट पर 57 रन बनाकर मैच को ड्रा कराया। इधर हरियाणा ने असम को नौ विकेट से शिकस्त दी। असम ने दूसरी पारी में हरियाणा को 169 रन का लक्ष्य दिया, जिसे हरियाणा ने एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। कप्तान अंकित कुमार 74 और आशीष सिवाच 59 रन बनाकर अविजित रहे।
मुंबई की हैदराबाद के विरुद्ध बड़ी जीत
सरफराज खान के दोहरे शतक से मैच में दबदबा बना चुकी मुंबई ने आखिरी दिन हैदराबाद को नौ विकेट से करारी शिकस्त दी। मुंबई के 560 रन के जवाब में हैदाबाद की टीम 267 रन ही बना सकी थी और फालोआन खेलते हुए दूसरी पारी में चामा वी मिलिंद की 85 रन की पारी के दम पर कुल 302 रन बनाए। जवाब में मुंबई ने 10 रन के लक्ष्य को एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।
हैदाबाद की दूसरी पारी में मुंबई के मुशीर खान ने सर्वाधिक पांच विकेट लिए। अन्य मुकाबले में स्पिनर सारांश जैन और सागर सोलंकी के तीन-तीन विकेट के दम पर मध्य प्रदेश ने कर्नाटक को 217 रन से करारी शिकस्त दी। मध्य प्रदेश के 362 रन के जवाब में कर्नाटक की टीम 144 रन पर ढेर हो गई।
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