वाराणसी में गलन ने की वापसी, बादलों के पीछे पश्चिमी विक्षोभ का असर देगा नए सिरे से चुनौती
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/weather-1769320197824_m.webpवाराणसी में लौटी गलन, पश्चिमी विक्षोभ से बादलों की चुनौती और ठंडक का असर।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल सहित वाराणसी में मौसम का रुख एक बार फिर से बदल चुका है। वातावरण में नमी का स्तर भी बढ़ा है लिहाजा तापमान में भी कुछ बढ़ोतरी हुई है। वातावरण में आर्द्रता का स्तर बढ़ने के साथ ही बादलों के आगमन का आगामी दिनों में संकेत भी है। मौसम विभाग ने 28 जनवरी को बादलों का संकेत भी दिया है। माना जा रहा है कि पछुआ का जोर अब पश्चिमी विक्षोभ के असर वाले बादलों को भी पूर्वांचल ला सकता है।
रविवार की सुबह वातावरण में गलन का जोर रहा और हवाओं का पछुआ रुख वातावरण में नमी का संकेत देने लगा है। सुबह कोहरे का असर रहा और अंचलों में सुबह नौ बजे तक कोहरा सघन रहा। दिन चढ़ने के साथ ही कोहरे का प्रकोप धीरे धीरे कम होने लगा। कोहरे का असर कम हुआ तो वातावरण में धूप का असर प्रभावी तो हुआ लेकिन ठंडक से अधिक मुक्ति नहीं मिल सकी। मौसम विभाग ने यह असर पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का बताया है। मौसम का यही रुख अगले कुछ दिनों तक रह सकता है।
बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 24.3°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 13.0°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.3 डिग्री अधिक रहा। आर्द्रता न्यूनतम 70% और अधिकतम 96% दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार 28 जनवरी के आसपास बादलों की सक्रियता बनी रह सकती है। इसके पूर्व पछुआ हवाओं का जोर बासंती अहसासों से घुला रहेगा और मौसम का रुख ठंडक की ओर होगा। हालांकि सप्ताह भर बाद दोबारा मौसम का रुख बदल सकता है।
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