आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान योजना में बड़ा बदलाव, अब ये सर्जरी नहीं होगी कवर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/ayushman-card-1769308312459_m.webpअस्पतालों व बीमा व्यवस्था में होंगे अहम सुधार. Concept Photo
संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा । प्रदेश में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के संचालन को लेकर बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने योजनाओं की वित्तीय अनुशासन व्यवस्था मजबूत करने और प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से कई प्रोत्साहन राशि और प्रविधानों को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।
शासनादेश के अनुसार, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में स्थित ईएचसीपी अस्पतालों को दिए जाने वाले 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि (सूचीबद्ध) को समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के अन्य एंट्री लेवल एनएबीएच अस्पतालों को मिलने वाला 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी अब नहीं मिलेगी। वहीं, विभिन्न पैकेज दरों पर दिए जा रहे मल्टीपल इंसेंटिव को समाप्त करते हुए एक ही श्रेणी में अधिकतम अनुमन्य प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने राज्य पोषित अटल आयुष्मान योजना में मोतियाबिंद सर्जरी को योजना से बाहर कर दिया है, जबकि किडनी डायलिसिस उपचार पूर्व की भांति जारी रहेगा। इसके साथ ही ईएसआई कार्ड धारकों को राज्य पोषित अटल आयुष्मान योजना से अलग किया गया है।
आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान योजना को अब इंश्योरेंस मोड में संचालित किया जाएगा। शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि राज्य के सरकारी चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेजों में राज्य की ओर से संचालित स्वास्थ्य योजनाओं के तहत इलाज पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को चरणबद्ध रूप से समाप्त किया जाएगा। बीमा कंपनियों के चयन के लिए आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
योजना का प्रभावी संचालन सुनिश्चित होगा और वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा। - प्रो. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कालेज अल्मोड़ा
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