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फर्जी बीमा गिरोह का राजफाश करने वाली संभल पुलिस को इनाम, प्रदेश में मिली नई पहचान

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जागरण संवाददाता, संभल। बीमा क्लेम के नाम पर 12 राज्यों में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का राजफाश करने वाली संभल पुलिस को भरोसे का इनाम मिला है।

बीमा कंपनियों ने सीएसआर (कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) से जिले के 15 थानों में दो से ढाई लाख की लागत के मातृत्व कक्ष बनवाए हैं और महिला पुलिसकर्मियों को इतनी ही स्कूटी दी हैं।

बहजोई रिजर्व पुलिस लाइन से एडीजी कानून और व्यवस्था अमिताभ यश ने आनलाइन कक्षों का उद्घाटन किया। जबकि, डीआइजी मुनिराज जी ने धनारी थाने में कक्ष का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बीमा गिरोह व साइबर ठगों से बचाव पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।

एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने कहा कि संभल पुलिस की पेशेवर जांच से अपराध नियंत्रण के साथ महिला पुलिसकर्मियों के लिए ठोस सुविधाएं साकार हुईं हैं। यह माडल प्रदेश स्तर पर अपनाया जाना चाहिए। अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अनुकृति शर्मा ने कहा कि संभल प्रदेश का पहला जनपद है। जहां प्रत्येक थाने में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

कार्यक्रम में एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने कहा कि पुलिस और उद्योग जगत का सहयोग महिला सशक्तीकरण और संवेदनशील प्रशासन का प्रभावी उदाहरण है।

डीआइजी मुनिराज जी ने कहा कि जांच की सफलता से सामाजिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त हुआ है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि यह सुविधा महिला पुलिसकर्मियों के कार्य और परिवार संतुलन में सहायक बनेगी। इस दौरान टाटा एआइजी के उपाध्यक्ष देवांग पांडे भी प्रमुखता से मौजूद रहे।

ऐसे हुआ निर्माण: जिले में अब 17 थाने हैं। जिनमें रायसत्ती और बबराला थाने दो महीने के अंतराल में बने हैं। लिहाजा पूर्व के 15 थानों में यह व्यवस्था की गई है। कक्ष का निर्माण टाटा एआइजी और राउंड टेबल इंडिया संस्था ने सहयोग किया। कक्ष में दो से ढाई लाख तक की लागत आई है।

थानों में बने इन कक्षों में बच्चों के खेलने के साथ सोने की भी व्यवस्था है। इसके अलावा आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल की ओर से 10 और इंडिया फर्स्ट द्वारा पांच स्कूटी दी गई हैं।

ऐसे हुआ राजफाश: 18 जनवरी, 2025 को एएसपी अनुकृति शर्मा ने रात में चेकिंग के दौरान एक स्कार्पियो को रोका। उसमें 11.44 लाख रुपये की नकदी के साथ वाराणसी के ओंकारेश्वर मिश्रा सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया।

इनके पास से 19 डेबिट और क्रेडिट कार्ड के साथ अन्य दस्तावेज और चार फोन बरामद किए गए। इनमें 30 हजार से अधिक डिजिटल दस्तावेज से बीमा पालिसी फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ।

जांच में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार सहित 12 राज्यों में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह सामने आया। अब तक विभिन्न जनपदों में 25 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।

70 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। 25 आरोपितों गैंग्स्टर की कार्रवाई की है। तीन आरोपितों की संभल, मुरादाबाद, वाराणसी और नोएडा में संपत्ति भी कुर्क की जा चुकी है। गिरोह मरणासन्न और मृतकों के नाम से बीमा करता था और सत्यापन के नाम पर फर्जीवाड़ा कर क्लेम निकालता था।
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