भारतीय रेल : एक ही समय में एक ही लाइन पर दो ट्रेनों का होगा सुरक्षित परिचालन, भागलपुर-गोड्डा लाइन के बाद संझा हॉल्ट में लगी नई तकनीक
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/modern-IBH-signaling-system-1769280590610_m.webpभारतीय रेल : प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भारतीय रेल : ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए भागलपुर-गोड्डा रूट पर दो दिन पहले गुरुवार को धोनी और टेकानी स्टेशन के बीच स्थित संझा घाट हाल्ट पर आइबीएच रेलवे में (इंटरमीडिएट ब्लाक हट) की स्थापना की गई थी। जिसे शनिवार को चालू कर दिया गया। पूर्व रेलवे की पहली सिंगल लाइन इंटरमीडिएट ब्लाक सिग्नलिंग प्रणाली की व्यवस्था की गई है।
ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए संझा हाल्ट पर की गई आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली आइबीएच की व्यवस्था
आइबीएच एक आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली है, जो लंबे रेलखंडों को छोटे हिस्सों में बांटती है। जिससे एक ही समय में एक ही लाइन पर दो ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन संभव होता है। जिससे ट्रेनों की गति और लाइन क्षमता बढ़ती है। आइबीएच की स्थापना करने के साथ ही एक स्टेशन से गुजरने के बाद ही दूसरी ट्रेन को स्टेशन से रवाना करने की समस्या नहीं रहेगी। इससे समय की बचत होगी।
यह एक छोटी, मानव रहित संरचना (हट) होती है जिसे दूर से नियंत्रित किया जाता है और यह एक्सल काउंटर या ट्रैक सर्किट से ट्रेन की स्थिति की निगरानी करती है। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि गुरूवार को धोनी और टेकानी स्टेशन के बीच संझा घाट पर आइबीएच की स्थापना कर दी गई है। कमिशिनिंग करने के बाद इसे सुचारू रूप से चालू कर दिया गया है।
आइबीएच एक आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली है, जो लंबे रेलखंडों को छोटे हिस्सों में बांटती है
मालदा मंडल के पीआरए ने बताया कि आईबीएस के माध्यम से टिकानी और धौनी के बीच लंबे ब्लाक सेक्शन को दो छोटे ब्लाक सेक्शन में विभाजित कर दिया गया है, जिससे ट्रेन परिचालन अधिक सुचारू और कुशल हो गया है। इस आप्टिमाइजेशन से ट्रेनों के बीच का समय काफी कम हो गया है।
परिणामस्वरूप लाइन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा ट्रेनों की अनावश्यक रोक-टोक में कमी आई है। इसका सीधा लाभ दैनिक यात्रियों के साथ-साथ लंबी दूरी के यात्रियों को बेहतर समयपालन और ट्रेनों की बेहतर उपलब्धता के रूप में मिलेगा।
जिससे एक ही समय में एक ही लाइन पर दो ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन संभव होता है
यह परियोजना उच्चस्तरीय सिग्नलिंग एवं दूरसंचार प्रणालियों से सुसज्जित है, जिससे सुरक्षा और विश्वसनीयता में और अधिक वृद्धि हुई है। आईबीएस प्रणाली में एमएस फ्राशर द्वारा निर्मित डुअल (मल्टी-सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर) लगाया गया है, जो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सटीक ट्रेन डिटेक्शन सुनिश्चित करता है।
जिससे ट्रेनों की गति और लाइन क्षमता बढ़ती है
संचार में निरंतरता और बैकअप सुनिश्चित करने हेतु डुअल यूनिवर्सल फेल-सेफ ब्लॉक इंटरफेस मल्टीप्लेक्सर प्रदान किया गया है। जबकि एकीकृत डेटा लागर के माध्यम से घटनाओं की रियल-टाइम मानिटरिंग एवं डायग्नोस्टिक्स संभव हो सकी है। साथ ही, टिकानी–धौनी सेक्शन में पूर्व में प्रयुक्त डाइडो निर्मित टोकनलेस ब्लाक इंस्ट्रूमेंट को हटाकर उसके स्थान पर सालिड स्टेट ब्लाक प्रोविंग एक्सल काउंटर डिजिटल स्थापित किया गया है। जिससे ब्लाक वर्किंग प्रणाली पूर्णतः डिजिटल और रखरखाव की दृष्टि से अधिक अनुकूल बन गई है।
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