पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, अब मुख्य चुनाव अधिकारी भी कर सकेंगे BLO पर कार्रवाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/SIR-in-Kolkata-1769250825266_m.webpमुख्य चुनाव अधिकारी को मिली BLO पर कार्रवाई करने की आजादी (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। चुनाव आयोग की ओर से जारी की गई सूचना के अनुसार मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) अपने बूते अब निर्णय ले सकते हैं। वे जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) या चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर सकते हैं।
इसमें निलंबन का आदेश देना, विभागीय जांच शुरू करना व एफआइआर दर्ज करना शामिल है। इससे पहले ये सारे निर्णय चुनाव आयोग लेता था। अब यह अधिकार सीईओ को दिया गया है। अब गड़बड़ी के दोषी बीएलओ पर कार्रवाई के लिए उन्हें दिल्ली से आदेश आने का इंतजार नहीं करना होगा।
मुख्य चुनाव अधिकारी को निर्णय लेने की आजादी
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कार्य में गड़बड़ी करने वाले बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के विरुद्ध कार्रवाई कर सकेंगे। उन्हें इसके लिए आयोग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि सिर्फ इसकी जानकारी देनी होगी।
इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि चुनाव आयोग तार्किक विसंगतियां वाले मतदाताओं व अनमैप्ड मतदाताओं की अलग-अलग सूची जारी कर सकता है। ग्राम पंचायत भवन, ब्लाक कार्यालय, वार्ड कार्यालय समेत विभिन्न जगहों पर सूची टांगी जाएगी। मालूम हो कि बंगाल में तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं की संख्या 98,49,132 व अपमैप्ड मतदाताओं की संख्या 31,68,426 है।
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