कंक्रीट माफिया पर रेरा की सख्ती, रुद्रपुर में फ्लैट न देने पर 50 लाख का जुर्माना
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/money-1769238756528_m.webpहर दिन 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। प्रतीकात्मक
जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में घर खरीदारों को बरगलाने और कानून को ठेंगा दिखाने वाले कंक्रीट माफिया (बिल्डरों) पर अब सख्ती शुरू हो गई है। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) उत्तराखंड ने एक अहम व कड़ा फैसला लेते हुए रुद्रपुर की एक रियल एस्टेट परियोजना \“\“\“\“एनआरआई लेक सिटी\“\“\“\“ के बिल्डर \“\“\“\“सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड\“\“\“\“ पर आदेशों की खुली अवहेलना के चलते 50 लाख रुपये तक जुर्माना ठोक दिया है। रेरा ने साफ शब्दों में कहा है कि यह मामला महज देरी का नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई मनमानी और फ्लैट खरीदार के अधिकारों का हनन है।
रेरा सदस्य नरेश सी. मठपाल की ओर से जारी आदेश में भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2016 की धारा-63 के तहत बिल्डर पर 25,000 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया है। यदि 30 दिनों के भीतर भी बिल्डर ने भुगतान नहीं किया और न ही कब्जा सौंपा, तो जुर्माने की राशि स्वतः बढ़कर 50 लाख रुपये हो जाएगी। यही नहीं, बिल्डर को यह राशि 45 दिनों के भीतर रेरा के खाते में जमा कराना अनिवार्य होगा। रेरा ने जिला प्रशासन ऊधमसिंह नगर को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुलिस प्रशासन के सहयोग से शिकायतकर्ता को फ्लैट का कब्जा दिलाया जाए। साथ ही बिल्डर से वसूली गई रकम सीधे पीड़ित खरीदार तक पहुंचाई जाए। रेरा ने खरीदार को फ्लैट की कुल रकम ब्याज समेत कुल 9.70 लाख रुपये देने के आदेश बिल्डर को दिए हैं।
फ्लैट बेचा, आदेश रौंदा, खरीदार को भटकाया
रेरा के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि रुद्रपुर स्थित \“\“\“\“एनआरआई लेक सिटी\“\“\“\“ परियोजना में फ्लैट संख्या 114 के खरीदार शब्बीर अहमद को वर्षों तक कब्जे के लिए भटकाया गया। रेरा के 11 सितंबर 2023 के दिए गए आदेश के बावजूद न तो फ्लैट सौंपा गया और न ही ब्याज सहित धनराशि लौटाई गई। हैरानी की बात यह रही कि उक्त विवादित फ्लैट को तीसरे पक्ष को बेच दिया गया, जिसे रेरा ने गंभीर व आपराधिक प्रकृति का उल्लंघन माना।
जिला प्रशासन भी कठघरे में
रेरा ने केवल बिल्डर पर ही नहीं, बल्कि ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। कब्जा दिलाने के लिए 25 नवंबर 2024 को भेजे गए पत्र के बावजूद कार्रवाई न होने पर रेरा ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
बिल्डर लाबी में हड़कंप
रेरा के इस फैसले के बाद रियल एस्टेट क्षेत्र में हड़कंप मचा है। माना जा रहा है कि यह आदेश प्रदेशभर के उन बिल्डरों के लिए कड़ा संदेश है, जो वर्षों से खरीदारों की मेहनत की कमाई को फंसाकर कानून से बचते रहे हैं।
घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी, आदेशों की अवहेलना व मनमानी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जुर्माना केवल चेतावनी नहीं, बल्कि कार्रवाई का स्पष्ट संकेत है। -नरेश सी. मठपाल, सदस्य रेरा
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