दिल्ली में पानी का संकट गहराया, द्वारका और मियावाली नगर में लोगों के छूट रहे पसीने
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/download-1769224549143_m.webpदिल्ली में पानी का संकट। जागरण
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली में द्वारका सहित दिल्ली के कई जल शोधन संयंत्रों से आपूर्ति होने वाली पानी में गिरावट का असर क्षेत्र में कई जगह देखा जा रहा है। क्या शहर, क्या गांव, हर जगह पानी की किल्लत लोगों के पसीने छुड़ा रही है। जब लोगों को यह पता चलता है कि अभी किल्लत कुछ और दिनों तक जारी रहने वाली है तो लोगों का धैर्य जवाब देने लगता है।
मियांवाली नगर में पिछले कुछ दिनों से जलापूर्ति ठप होने से लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि जल बोर्ड वाले से शिकायत करने पर वे बताते हैं कि देर रात पानी की आपूर्ति हाेती है, लेकिन यह पूछने पर कि कितने बजे होती है, वे चुप्पी साध जाते हैं। मजबूरी में लोग पीने के लिए बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं, लेकिन शेष आवश्यकताओं के लिए पानी का इंतजाम कहां से होगा, यह एक बड़ा प्रश्न है।
मियांवाली नगर में कई ऐसे परिवार हैं जिनमें केवल बुजुर्ग हैं। इन परिवारों में इनके बच्चे बाहर हैं। पानी की किल्लत का सबसे अधिक सामना इन्हें ही करना पड़ता है। ऐसे बुजुर्गों का कहना है कि यदि काफी मांग के बाद जल बोर्ड हमारे लिए टैंकर भेज भी देता है तो टैंकर से घर की टंकी पर पानी कौन भरेगा। यदि टैंकर से बर्तनों में भरना हो तो यह काम कौन करेगा। ऐसे में जलापूर्ति का ठप्प होना एक बड़ी समस्या है।
लोगों का कहना है कि हम पीने के लिए तो पानी खरीद सकते हैं लेकिन नहाने के लिए, कपड़े धोने के लिए, बर्तन साफ करने के लिए, घर की सफाई के लिए, पेड़ पौधों को पानी देने के लिए कहां से पानी लाएं। जल बोर्ड अपनी सलाह में कहता है कि पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल कीजिए, लेकिन हमें तो अत्यंत जरुरत का भी पानी नहीं मिल रहा है। दिल्ली में ऐसी स्थिति गर्मियों को देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार तो सर्दी में भी पानी की किल्लत लोगों के पसीने छुड़ा रही है।
अब द्वारका सेक्टर 5 स्थित नीमछाया अपार्टमेंट का रुख करते हैं। अपार्टमेंट के डा केके झा बताते हैं कि यहां पिछले दो दिनों से पानी नाममात्र के लिए आ रहा है। टंकी अब खाली हो चुकी है। नहाना ताे दूर की बात है पीने के लिए भी पानी कम पड़ने लगा है। पूरी उपनगरी द्वारका में बहुमंजिली इमारतों वाली है। यहां आखिर पानी का इंतजाम कैसे होगा। यह तो सरकार की पूरी विफलता है। सरकार के पास आपात स्थिति में भी जलापूर्ति सुचारु तरीके से होती रहे, इसका एक प्लान होना चाहिए। लेकिन लोगाें को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। केवल एडवाइजरी जारी हो रही है।
द्वारका से थोड़ी दूर देहात में भी पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं। कांगनहेड़ी गांव निवासी सुशीला बताती हैं कि नलों में तीन दिनों से पानी नहीं आ रहा है। आखिर हम किस राजधानी में रहते हैं, जहां पीने योग्य पानी की कभी भी किल्लत होने लगती है। जलापूर्ति ठप्प होने से लोग परेशान हैं। जब सर्दियों में यह हाल है तो गर्मियों के बारे में सोच कर भी मन व्याकुल हो जाता है।
कालोनी में कई लोग ऐसे हैं जो घर में पति- पत्नी हैं और बुजुर्ग हैं। इनके लिए पानी का इंतजाम करना मुश्किल काम है। - पुरुषोत्तम कालरा, मियांवाली नगर
दिल्ली में जलापूर्ति का ऐसा हाल परेशान करने वाला है। यहां जल बोर्ड आए दिन अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटता रहता है। - रंजना शेठी, मियांवाली नगर
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