रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 68 लाख की ठगी, जेट एयरवेज के नरेश गोयल से जुड़े मनी लांड्रिंग केस में बताया दोषी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/fraud-100-R-1769193724227_m.webpप्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, मेरठ। साइबर अपराधी ठगी करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। साइबर ठगों ने भारतीय स्टेट बैंक के रिटायर्ड मैनेजर और उनकी पत्नी को जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े 538.62 करोड़ की मनी लांड्रिंग केस में दोषी बता दिया।
वीडियो काल पर ईडी के फर्जी अफसरों से बातचीत कराई। साथ ही कोर्ट में सुनवाई भी करा दी गई। फर्जी अदालत ने बताया कि निर्दाेष साबित होने पर उन्हें अपनी सभी रकम आरबीआइ के खाते में सरेंडर करनी होगी।
तभी रिटायर्ड मैनेजर ने अपने बैंकों की एफडी तोड़कर करीब 68 लाख की रकम तीन किश्तों में साइबर ठगों के बताए खाते में डाल दी। उसके बाद भी उन्होंने 50 लाख की मांग की। तब उन्हें साइबर ठगी का अहसास हुआ। रिटायर्ड मैनेजर की तरफ से पुलिस ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
रोहटा रोड स्थित गाडविन गोल्डकस्ट कालोनी में अनिल कुमार मित्तल अपनी पत्नी नीलम मित्तल के साथ रहते हैं। अनिल कुमार भारतीय स्टेट बैंक की सहारनपुर स्थित बेहट शाखा में मैनेजर रह चुके हैं। हाल में अनिल मित्तल रिटायर्ड हो चुके हैं।
13 जनवरी को अनिल मित्तल के मोबाइल पर काल आई। कालर ने बताया कि उनके नंबर से लिंक आधार कार्ड लगाकर मुंबई से एयरटेल कंपनी का सिम खरीदा गया। बताया कि इस सिम का उपयोग बड़े लोगों को डराने और धमकाने में किया जा रहा है।
साथ ही उनके वाट्सएप नंबर पर एक लिंक भेजा गया। लिंक रिसीव करने पर ईडी के अफसरों ने वीडियो पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि 2023 में हुए जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल मनी लांड्रिंग केस में उनके नाम पर निकाले गए सिम का उपयोग किया है। इसलिए वह भी इस केस में दोषी है।
14 जनवरी को वाट्सएप काल पर कोर्ट की सुनवाई कराई गई। तर्क दिया की बुजुर्ग होने पर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। निर्दोष साबित होने अनिल मित्तल और पत्नी नीलम मित्तल के बैंक खातों की सभी रकम को आरबीआइ के खाते में सरेंडर करना होगा।
16 जनवरी को अनिल मित्तल ने एसबीआइ मोरगंज सहारनपुर की शाखा से एफडीआर तुड़वाई। उसके बाद साइबर ठगों द्वारा बताए गए खाते में 16 जनवरी को 17,18,157 लाख की रकम डाली। उसके बाद इसी दिन दूसरी किश्त में 25,77,568 लाख एवं तीसरी किश्त में 24,97,748 लाख की रकम आरटीजीएस करा दी।
अनिल मित्तल साइबर ठगों को कुल 67, 93, 473 लाख की रकम भेज चुका है। उसके बाद 20 जनवरी को फिर से 50 लाख की मांग की गई। रकम नहीं देने पर 20 लाख मांगे। फिर 10 लाख तक की मांग की गई।
तब पता चला कि यह सुप्रीम कोर्ट और ईडी का मामला नहीं हैं, बल्कि साइबर ठगों ने उक्त रकम अपने खातों में डलवा ली है। उसके बाद अनिल मित्तल तत्काल ही साइबर थाने पहुंचे। उन्होंने जिन खातों में रकम डाली थी। उनके खिलाफ साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कराया।
इन्होंने कहा
बैंक के रिटायर्ड मैनेजर से साइबर ठगी की घटना में मुकदमा दर्ज कराया गया है। साइबर थाने की दो टीम लगाकर बैंक खातों और साइबर ठगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, जिन खातों में रकम डाली गईं थी, वह निकाल चुके हैं। पुलिस जल्द ही घटना का पर्दाफाश करेगी।
डा. विपिन ताडा, एसएसपी
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