deltin33 Publish time 3 hour(s) ago

आगरा में खेतों में गाड़ रखे थे करोड़ों के जेवर, प्रेमिका के साथ बेंगलुरु में ऐश करने का था प्लान

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/C-521-1-AGR1620-544717-1769180620224-1769180639385_v-1769195465258_m.webp



जागरण संवाददाता, आगरा। रोजर फैक्ट्री में चोरी करने वाले कंप्यूटर आपरेटर ने दिमाग शातिर अपराधी की तरह लगाया था। उसने मान लिया था कि गिरफ्तारी हुई तो वह पुलिस को चुराया गया कैश दे देगा।

जेल से छूटने के बाद करोड़ों रुपये के जेवर बेचकर प्रेमिका के साथ बेंगलुरु में घर बसाकर ऐश करेगा। इसी रणनीति के तहत उसने चुराए गए जेवरों को एक जगह नहीं बल्कि खेत में चार जगह गड्ढे खोदकर छिपा दिया था। पुलिस की 10 टीमों ने 72 घंटे तक काम किया और आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ ही चोरी की गई नकदी और जेवर बरामद कर लिए।

सिकंदरा क्षेत्र स्थित रोजर इंडस्ट्रीज लिमिटेड जूता फैक्ट्री से 18 जनवरी की रात चोरी करने वाले तीनों आरोपित फैक्ट्री का कंप्यूटर आपरेटर अनुपम शर्मा अपने भाई अनुराग शर्मा व दोस्त संजय सिंह के साथ सलाखों के पीछे पहुंच चुका है।

चोरी की वारदात के पर्दाफाश के लिए पुलिस की 10 टीमों में शामिल 50 से अधिक पुलिसकर्मियों ने 72 घंटे तक काम किया। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने सिटी जोन की एसओजी, सर्विलांस, साइबर सर्विलांस, काउंटर इंटेलीजेंस के साथ ही सिकंदरा थाने की पांच टीमों को लगाया था।

फैक्ट्री के सीसीटीवी फुटेज से चोरी करने वाले की कद काठी देखकर तय हो गया था कि चोरी की वारदात को अंजाम कंप्यूटर आपरेटर अनुपम शर्मा ने दिया है।

आरोपित ने भी पुलिस को गुमराह करने के लिए शातिर अंदाज में रणनीति बनाई थी। उसने नकदी अपने पास रखी, जबकि 7.70 करोड़ रुपये कीमत के जेवरों को बटेश्वर में स्थित खेत में चार जगह गड्ढा खोदकर छिपा दिया था।

टीमों का नेतृत्व कर रहे डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास, एडीसीपी आदित्य, एसीपी हरीपर्वत अक्षय महाडिक व ट्रेनी आइपीएस अभय डागा ने अलग-अलग गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपितों से पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ में आरोपित चोरी न करने की बात कहते हुए पुलिस को गुमराह करते रहे।

पुलिस ने सख्ती बरती तो उन्होंने नकदी चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने शिकंजा कंसा तो आरोपितों ने जेवर खेत में छिपाने की जानकारी दी। पहले आरोपितों ने सिर्फ एक गड्ढे में जेवर छिपाना बताया।

फैक्टी मालिक से मिली जेवरों की सूची से पुलिस ने मिलान किया तो बरामद जेवर काफी कम थे। इसके बाद फिर से टीमों ने सख्ती के साथ पूछताछ की। इस पर आरोपित टूट गए और पूरी कहासी बयां कर दी। पुलिस टीमों ने चारों गड्ढों से छिपाए गए जेवर बरामद कर लिए।
वाट्सएप पर बनाया ग्रुप, एक-दूसरे से साझा की जानकारी

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने पुलिस टीम को नेतृत्व कर रहे अधिकारियों का वाट्सएप ग्रुप बनाया। सभी टीमों ने बारी-बारी से आरोपितों से पूछताछ की और जानकारी को ग्रुप में झासा किया। शुरुआत में आरोपितों ने टीमों को अलग-अलग जानकारी दी, इससे शक और गहरा गया।
Pages: [1]
View full version: आगरा में खेतों में गाड़ रखे थे करोड़ों के जेवर, प्रेमिका के साथ बेंगलुरु में ऐश करने का था प्लान

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com