सुंदरगढ़ के 33 जलाशयों में 11,902 विदेशी मेहमानों का जमावड़ा, पिछले साल के मुकाबले 824 पक्षी कम पहुंचे
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/pravasi-pakshi-1769198266206_m.webpसुंदरगढ़ के एक जलाशश्य में प्रवासी पक्षी।
जागरण संवाददाता, राउरकेला। सुंदरगढ़ वनमंडल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जलाशयों में इस वर्ष शीतकालीन पक्षी गणना का कार्य संपन्न हो गया है। वन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 88 प्रजातियों के 11,902 पक्षी दर्ज किए गए हैं। हालांकि, पर्यावरण और पक्षी प्रेमियों के लिए चिंता की बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पक्षियों की संख्या और उनकी प्रजातियों, दोनों में गिरावट आई है। वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 824 पक्षी कम पाए गए हैं। इतना ही नहीं, पक्षियों की 20 ऐसी प्रजातियां इस बार सुंदरगढ़ के जलाशयों में नहीं दिखीं, जो पिछले साल यहां प्रवास के लिए आई थीं। पिछले वर्ष 108 प्रजातियों के पक्षी देखे गए थे, जबकि इस बार यह संख्या घटकर 88 रह गई है।
वनमंडल के 33 जलाशयों में हुई गणना
यह गणना सुंदरगढ़ वनमंडल अधिकारी (DFO) खुशवीर सिंह, एसीएफ मानस कुमार मुर्मू और राजकुमार सेठी के नेतृत्व में आयोजित की गई। गणना के लिए प्रत्येक जलाशय में 5 सदस्यों वाली कुल 33 टीमें तैनात की गई थीं।
प्रमुख गणना स्थल
[*] सुंदरगढ़ वन क्षेत्र: शंकरा नंदीघोष तालाब, रेंगाली डैम, इब नदी क्षेत्र।
[*] लेफ्रीपड़ा: सरफगढ़ डैम और बरगांवमाल एमआईपी।
[*] गोपालपुर: तुमलिया, गड़द्वार और चंदनतुला तालाब।
[*] दड़गांव व उत्कलपुर: बिमलाउडिकि, राकरा तालाब और नागडीही तालाब।
कहां देखे गए सबसे अधिक पक्षी
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक पक्षी सुंदरगढ़ वन क्षेत्र में देखे गए। विभिन्न क्षेत्रों का विवरण इस प्रकार है:
वन क्षेत्र पक्षियों की संख्या
[*]सुंदरगढ़ वन क्षेत्र 3,989
[*]बड़ेगांव वन क्षेत्र 3,712
[*]उत्कलपुर वन क्षेत्र 2,429
[*]लेफ्रीपड़ा वन क्षेत्र 655
[*]हेमगिर वन क्षेत्र 609
[*]गोपालपुर वन क्षेत्र 508
पिछले वर्षों का तुलनात्मक आंकड़ा
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पक्षियों के आगमन में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है:
[*]2023–24: 14,378 पक्षी (93 प्रजातियां)
[*]2022–23: 10,029 पक्षी (79 प्रजातियां)
[*]2021–22: 10,172 पक्षी (39 प्रजातियां)
[*]2020–21: 12,485 पक्षी (77 प्रजातियां)
विशेषज्ञों का मानना है कि पक्षियों की संख्या में इस वर्ष की गिरावट स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र या जलवायु में आए बदलावों का संकेत हो सकती है। वन विभाग अब इन कारणों का गहराई से विश्लेषण करने की योजना बना रहा है।
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