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मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गैंग का राजफाश, पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार

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प्रयागराज के नवाबगंज में फर्जी आधार कार्ड गिरोह के पकड़े गए सदस्य। सौजन्य : पुलिस मीडिया सेल



जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर नवाबगंज पुलिस ने शुक्रवार को फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गैंग का राजफाश किया। दो जालसाजों को गिरफ्तार करते हुए आई स्कैनर मशीन, स्केनर अंगूठा कोजेंट, प्रिंटर, लैपटाप आदि दस्तावेज बरामद किए। पूछताछ में पता चला कि फर्जी आधार कार्ड के साथ ही जन्म, जाति प्रमाण पत्र भी गलत तरीके से बनाए जाते थे। इसके बदले मोटी रकम ली जाती थी। पुलिस को गिरोह के एक और सदस्य का नाम पता चला है जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। दावा है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
नवाबगंज पुलिस को मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सूचना

नवाबगंज थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह को दो दिन पहले मिलिट्री इंटेलिजेंस से खबर मिली कि कस्बा नवाबगंज में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट (अंगूठे की छाप) का अवैध दुरुपयोग कर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया जा रहा है। यह आधार कार्ड लोगों को देकर मोटी रकम ली जा रही है। इस पर इंस्पेक्टर ने गोपनीय तरीके से मामले को खंगालना शुरू किया।
एसीपी सोरांव ने कंप्यूटर सेंटर में दी दबिश

शुक्रवार को एसीपी सोरांव श्यामजीत प्रमिला सिंह, इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह ने टीम के साथ कस्बा नवाबगंज स्थित दहियांवा रोड के पास विद्या कंप्यूटर सेंटर में दबिश दी। इससे यहां मौजूद लोगों में खलबली मच गई। पुलिस ने अनीश कुमार पटेल निवासी बेलहा, नवाबगंज व सुरेंद्र गुप्ता निवासी बरीबोझ, नवाबगंज को गिरफ्तार किया। यहां से कूटरचित आधार कार्ड बनाने के उपकरण समेत भारी संख्या में दस्तावेज बरामद किए गए।
मोटी रकम ली जाती थी

पूछताछ में दोनों ने बताया कि अजय गुप्ता निवासी बरीबोझ के साथ मिलकर कंप्यूटर सेंटर खोला था। आधार कार्ड बनाने के लिए फर्जी क्लोन सिलीकान के नमूने से आइडी खोली जाती थी। इसे अजय गुप्ता ने किसी जुगाड़ से हासिल कर लिया था। फर्जी तरीके से आधार कार्ड, जन्म व जाति प्रमाण पत्र तैयार किए जाते थे। इसके बदले मोटी रकम ली जाती थी। कई माह से यह धंधा वह कर रहे थे।
फरार आरोपित की तलाश में पुलिस की दो टीमें

इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि फर्जी क्लोन सिलीकान के नमूने से आइडी खोलकर फर्जी आधार कार्ड तैयार करके लोगों को बेचने के बाद मिले रुपये को यह तीनों आपस मे बांट लेते थे। फरार आरोपित अजय गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। उसके पकड़े जाने के बाद और भी बातें सामने आएंगी।
नौकरी में लगाए दस्तावेज तो खुला मामला

मिलिट्री इंटेलिजेंस से यूं ही कोई सूचना पुलिस को नहीं दी जाती है। पहले मिलिट्री इंटेलिजेंस खुद पड़ताल करता है और जब दस्तावेजों में जालसाजी नजर आती है तो पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी जाती है। सूत्रों के मुताबिक सेना में नौकरी पाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का कुछ आवेदकों ने उपयोग किया। सैन्य अधिकारियों ने इसकी जांच की तो पता चला कि आधार कार्ड फर्जी बने हैं। यही नहीं, आधार कार्ड कहां से बनाए गए थे, इसकी भी जानकारी मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने हासिल कर ली। यही वजह थी कि पुलिस अधिकारियों को पूरी जानकारी विस्तृत में दी गई।
मऊआइमा में भी चल रहा खेल

सूत्रों की मानें तो पुलिस के पास एक इनपुट मऊआइमा क्षेत्र का भी है, जहां इस तरह के कार्य किया जा रहा है। पुलिस गोपनीय तरीके से इसकी जांच कर रही है। जल्द ही पुलिस इसका राजफाश करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार करेगी।
ये हुई बरामदगी

- 1 आई स्कैनर मशीन

- 1 स्केनर अंगूठा कोजेंट

- 1 लैपटाप, 01 स्कैनर, 01 प्रिंटर

- 1 कैमरा लैप केयर (कंप्यूटर का)

- 1 अंगूठे की छाप के क्लोन (नकली फिंगरप्रिंट)

- 1 यूएसवी प्रिंटर केविल

- 3 आधार कार्ड

- 22 आधार कार्डों की रसीद

- 3 जाति प्रमाण पत्र

- 2 आधार कार्ड की छायाप्रति

- 8 आधार इनरालमेंट अपडेट फार्म भरे हुए

- 2 जन्म प्रमाण पत्र सादे हस्ताक्षर व मुहर युक्त

- 5 आधार कार्ड प्रिंट के सादे कागज

- 10 सादे इनरालमेंट फार्म/अपडेट फार्म
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